झकझकी

हापुड़ में किन्नर अखाड़ों का टकराव, बधाई क्षेत्र को लेकर जिलाधिकारी के दरवाजे पर दस्तक…

Clash between transgender akhadas in Hapur, Knock on the door of the District Magistrate regarding Badhai area

Breaking Today, Digital Desk : जनपद में बधाई मांगने के क्षेत्रों के बंटवारे को लेकर किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। एक गुट ने दूसरे पर उनके इलाके में जबरन घुसपैठ कर बधाई वसूलने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले ने किन्नर समाज के भीतर चल रहे गहरे आपसी मतभेदों को सतह पर ला दिया है।

पीड़ित किन्नर गुट ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से हापुड़ के निर्धारित क्षेत्रों में लोगों के घरों में होने वाले शुभ अवसरों, जैसे कि बच्चे का जन्म या विवाह समारोह, पर जाकर बधाईयां गाते हैं और बदले में जो भी शगुन मिलता है, उससे अपना जीवनयापन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे गुट के किन्नर पिछले कुछ समय से उनके निर्धारित इलाके में आकर जबरन बधाई मांग रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।

आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो दूसरे गुट ने उनके साथ अभद्रता की और क्षेत्र छोड़ने के लिए धमकाया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि इस तरह की घुसपैठ से न केवल उनकी आमदनी प्रभावित हो रही है, बल्कि क्षेत्र में तनाव का माहौल भी बन रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर इस मामले का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो विवाद और बढ़ सकता है, जिससे कोई अप्रिय घटना भी घट सकती है।

किन्नरों के एक समूह ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि बधाई मांगने की एक पुरानी परंपरा और व्यवस्था है, जिसके तहत सभी के क्षेत्र बंटे हुए हैं और कोई किसी के इलाके में दखल नहीं देता है। लेकिन दूसरा गुट इस परंपरा को तोड़ने पर आमादा है, जो उन्हें स्वीकार्य नहीं है।

जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को सुना और जांच का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा और यदि आवश्यक हुआ तो पुलिस प्रशासन की भी मदद ली जाएगी ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। इस घटना के बाद से ही शहर में किन्नरों के बीच चल रहा यह विवाद चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और दोनों गुटों के बीच सुलह का क्या रास्ता निकलता है।

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