मुख्य द्वार पर शीशा, शुभ या अशुभ, जानें वास्तु के हिसाब से…
Mirror on the main door, auspicious or inauspicious, know according to Vastu...

Breaking Today, Digital Desk : क्या आप भी अपने घर के मुख्य द्वार पर शीशा लगाने की सोच रहे हैं? या फिर आपके घर में पहले से ही लगा हुआ है और आप जानना चाहते हैं कि वास्तु के हिसाब से यह सही है या गलत? तो आप बिल्कुल सही जगह पर हैं! इस लेख में हम जानेंगे कि मुख्य द्वार के पास शीशा रखना आपके घर की ऊर्जा पर क्या असर डाल सकता है, शुभ है या अशुभ।
वास्तु और शीशा: क्या कहते हैं नियम?
वास्तु शास्त्र हमारे आस-पास की ऊर्जा को समझने और उसे सही दिशा देने का एक प्राचीन विज्ञान है। इसमें हर वस्तु और उसकी सही जगह का महत्व बताया गया है। शीशा, यानी दर्पण, वास्तु में बहुत शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि यह ऊर्जा को परावर्तित करता है।
मुख्य द्वार पर शीशा लगाना: शुभ है या अशुभ?
ज्यादातर वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य द्वार के ठीक सामने शीशा लगाना शुभ नहीं होता है। इसके पीछे कुछ खास कारण हैं:
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नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश: मुख्य द्वार वह जगह है जहाँ से आपके घर में सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह की ऊर्जा प्रवेश करती है। यदि शीशा ठीक सामने लगा हो, तो वास्तु के अनुसार, यह घर में आने वाली अच्छी ऊर्जा (पॉजिटिव एनर्जी) को तुरंत बाहर परावर्तित कर देता है। यानी, घर में लक्ष्मी और समृद्धि का वास नहीं हो पाता।
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तनाव और बेचैनी: कुछ वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्य द्वार के सामने शीशा लगाने से घर के सदस्यों के बीच तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है। यह घर में आने वाले अवसरों को भी वापस भेज देता है।
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चोरों को आकर्षित करना: कई बार, शीशे में घर के अंदर का प्रतिबिंब दिखने से चोरों का ध्यान आकर्षित हो सकता है। यह सुरक्षा के लिहाज से भी ठीक नहीं माना जाता।
तो, क्या मुख्य द्वार के पास शीशा बिल्कुल न लगाएं?
ऐसा नहीं है कि आप मुख्य द्वार के पास शीशा बिल्कुल नहीं लगा सकते। कुछ खास स्थितियों में और सही दिशा में इसे लगाना शुभ भी हो सकता है।
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द्वार के किनारे पर: यदि आप शीशा लगाना ही चाहते हैं, तो उसे मुख्य द्वार के ठीक सामने न लगाकर, द्वार के किसी एक किनारे पर (साइड में) लगा सकते हैं। इससे आने वाली ऊर्जा सीधे परावर्तित नहीं होगी।
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अंदर की तरफ: यदि मुख्य द्वार के अंदर की तरफ ऐसी जगह है जहाँ से बाहर का रास्ता नहीं दिखता, तो आप वहाँ शीशा लगा सकते हैं। लेकिन, ध्यान रहे कि उसमें बाहर का प्रतिबिंब न दिखे।
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दीवार पर सजावट के तौर पर: छोटे decorative mirror पीसेज़ को आप दीवार पर सजावट के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इनका आकार बड़ा न हो और मुख्य द्वार के सामने बिलकुल न हो।
ध्यान रखने योग्य बातें:
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शीशा हमेशा साफ और चमकदार होना चाहिए। टूटा हुआ या धुंधला शीशा नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है।
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गोल या अंडाकार शीशे को चौकोर या आयताकार शीशे से बेहतर माना जाता है।
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शीशे को बहुत नीचे या बहुत ऊपर नहीं लगाना चाहिए। यह ऐसी ऊंचाई पर हो जहाँ से घर के सदस्य आसानी से खुद को देख सकें।
मुख्य द्वार पर शीशा लगाने से पहले इन वास्तु नियमों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। सही जानकारी के साथ आप अपने घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं और एक खुशहाल माहौल बना सकते हैं।






