जानें कुत्ता पालने से कौन से ग्रह होते हैं मजबूत और कैसे बढ़ती है समृद्धि…
Know which planets are strengthened by keeping a dog and how prosperity increases

Breaking Today, Digital Desk : ज्योतिष शास्त्र में कुत्तों को एक विशेष स्थान दिया गया है, जिन्हें न केवल वफादार साथी माना जाता है, बल्कि ग्रहों के अशुभ प्रभावों को दूर करने में भी सहायक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि घर में कुत्ता पालने से कई ग्रह शांत होते हैं, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
खासतौर पर, कुत्ता पालने का संबंध शनि और केतु ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर में कुत्ता रखने से, विशेषकर काले रंग का कुत्ता, शनि और केतु ग्रह मजबूत होते हैं। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और उनकी कृपा पाने के लिए काले कुत्ते की सेवा करना एक प्रभावी उपाय माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उन्हें काले कुत्ते को रोटी खिलाने से राहत मिल सकती है।
इसके अलावा, कुत्ते को केतु ग्रह का कारक भी माना जाता है। कुंडली में केतु की कमजोर स्थिति के कारण आने वाली बाधाओं और कष्टों को कुत्ते की सेवा करके कम किया जा सकता है। माना जाता है कि 22 या उससे अधिक नाखूनों वाला कुत्ता केतु का रूप होता है और ऐसा कुत्ता किस्मत बदल सकता है।
कुत्तों का संबंध राहु ग्रह से भी जोड़ा गया है। कुत्ते को तेल से चुपड़ी रोटी खिलाने से शनि के साथ-साथ राहु-केतु से संबंधित दोषों का भी निवारण होता है। यह उपाय कालसर्प योग से पीड़ित व्यक्तियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
समृद्धि और अन्य लाभ:
नकारात्मक ऊर्जा का नाश: ऐसा माना जाता है कि जिस घर में काला कुत्ता होता है, वहां नकारात्मक ऊर्जा का वास नहीं होता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आर्थिक संकट से मुक्ति: घर में कुत्ता पालने से आर्थिक तंगी दूर होती है और रुका हुआ धन वापस आने की संभावनाएं बनती हैं।
भैरव का आशीर्वाद: कुत्तों को भगवान भैरव का सेवक माना जाता है। उन्हें भोजन कराने से भैरव प्रसन्न होते हैं और आकस्मिक संकटों से रक्षा करते हैं।
संतान सुख: लाल किताब के अनुसार, संतान सुख में बाधा आने पर काला या काला और सफेद कुत्ता पालना शुभ होता है।
स्वास्थ्य लाभ: कुत्ता पालने से जोड़ों के दर्द और अन्य बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है।
किन लोगों को नहीं पालना चाहिए कुत्ता?
हालांकि कुत्ता पालना ज्योतिष की दृष्टि से शुभ माना गया है, पर यह सभी के लिए फायदेमंद नहीं हो सकता। लाल किताब के अनुसार, यदि कुंडली में केतु पहले या सातवें भाव में हो, तो कुत्ता पालने की सलाह नहीं दी जाती, बल्कि कुत्तों की सेवा करने को कहा जाता है। इसलिए, कुत्ता पालने से पहले किसी ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहता है।






