
Breaking Today, Digital Desk : कैलिफ़ोर्निया के फ्रेस्नो शहर में रहने वाले मोहम्मद निज़ामुद्दीन एक 31 वर्षीय भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे, जो हैदराबाद के निवासी थे। 19 जून की रात, निज़ामुद्दीन को स्थानीय पुलिस ने गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने भारत और अमेरिका दोनों जगह लोगों को चौंका दिया है। निज़ामुद्दीन के परिवार का कहना है कि यह एक अकारण हत्या थी, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
कौन थे मोहम्मद निज़ामुद्दीन?
निज़ामुद्दीन, जो चार साल पहले अमेरिका आए थे, एक टैलेंटेड सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह एक अच्छी कंपनी में काम करते थे और उनका भविष्य उज्ज्वल था। उनके परिवार और दोस्तों का कहना है कि वह एक शांत और मेहनती व्यक्ति थे, जिनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं थी।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस ने कहा कि उन्हें रात 10:30 बजे के आसपास एक कॉल मिली, जिसमें बताया गया था कि एक व्यक्ति ने एक कार चुराई है। जब पुलिस पहुंची, तो निज़ामुद्दीन को उस कार में बैठे हुए पाया गया। पुलिस के अनुसार, निज़ामुद्दीन ने कार को पुलिस की तरफ मोड़ दिया, जिससे पुलिस को लगा कि उनकी जान को खतरा है। इसी वजह से उन्होंने गोली चलाई।
परिवार का क्या कहना है?
निज़ामुद्दीन के परिवार ने पुलिस के दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि निज़ामुद्दीन को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ थीं और शायद वह उस समय भ्रमित थे। परिवार ने यह भी बताया कि पुलिस ने निज़ामुद्दीन को तुरंत अस्पताल नहीं पहुंचाया और न ही उनके परिवार को सूचित किया। उन्हें दूसरे दिन सुबह एक सोशल वर्कर से यह दुखद खबर मिली।
आगे क्या होगा?
इस मामले की जांच जारी है। निज़ामुद्दीन के परिवार ने अमेरिकी सरकार और भारतीय दूतावास से मदद की गुहार लगाई है। वे चाहते हैं कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और न्याय मिले। इस घटना ने एक बार फिर से अमेरिका में पुलिस की बर्बरता और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर बहस छेड़ दी है।




