
Breaking Today, Digital Desk : इस अगस्त, जब मानसून अपनी पूरी रंगत में है, तो क्यों न घर में बैठकर इसे खिड़की से ही देखा जाए? बाहर निकलिए और भारत की उन खूबसूरत वाधियों की सैर कीजिए, जहाँ बारिश की बूँदें प्रकृति के सौंदर्य को और भी निखार देती हैं। ये वो स्थान हैं जहाँ बादल आपके कदमों में होते हैं और हरियाली की चादर दूर-दूर तक फैली नजर आती है। इस मानसून, अपने बैग पैक करें और इन 6 अद्भुत जगहों पर जाकर बारिश के असली जादू का अनुभव करें:
मुन्नार, केरल: जहाँ हर तरफ हरियाली है
केरल का यह हिल स्टेशन मानसून में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। दूर-दूर तक फैले चाय के बागान, धुंध से ढके पहाड़ और कल-कल करते झरने आपका मन मोह लेंगे। बारिश के मौसम में यहाँ की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। यहाँ आप चाय के बागानों में घूम सकते हैं, अनामुडी चोटी की ट्रेकिंग कर सकते हैं या फिर शांत झीलों के किनारे बैठकर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।
कूर्ग, कर्नाटक: भारत का स्कॉटलैंड
कर्नाटक का कूर्ग अपनी हरी-भरी वादियों और कॉफी के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। मानसून में यहाँ के झरने, जैसे कि अब्बे और इरप्पु फॉल्स, अपने पूरे उफान पर होते हैं। यहाँ आकर आप कॉफी बागानों की महकती हवा में सांस ले सकते हैं और बादलों को पहाड़ों से खेलते हुए देख सकते हैं।
शिलांग, मेघालय: बादलों का घर
मेघालय की राजधानी शिलांग को “पूर्व का स्कॉटलैंड” भी कहा जाता है। मानसून के दौरान यहाँ का नज़ारा बेहद मनमोहक होता है। यहाँ की खूबसूरत झीलें, जैसे उमियम लेक और हरे-भरे पहाड़ बारिश में और भी जीवंत हो उठते हैं। यहाँ आप एलिफेंट फॉल्स की सुंदरता निहार सकते हैं और चेरापूंजी और मॉसिनराम की यात्रा भी कर सकते हैं, जो दुनिया में सबसे अधिक वर्षा वाली जगहों में से हैं।
उदयपुर, राजस्थान: झीलों के शहर में मानसून का रोमांस
अगर आप मानसून का एक अलग ही रूप देखना चाहते हैं, तो राजस्थान के उदयपुर की यात्रा करें। बारिश की बूंदों से यहाँ की झीलें लबालब भर जाती हैं और अरावली की पहाड़ियाँ हरियाली से ढक जाती हैं। इस मौसम में पिछोला झील में नाव की सवारी करना और सजे-धजे घाटों को देखना एक यादगार अनुभव होता है।
फूलों की घाटी, उत्तराखंड: प्रकृति का रंगीन कैनवास
उत्तराखंड में स्थित फूलों की घाटी मानसून में किसी जन्नत से कम नहीं है। यह एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है जहाँ बारिश के मौसम में 300 से भी ज़्यादा प्रजातियों के फूल खिल उठते हैं। चारों ओर खिले रंग-बिरंगे फूल और बर्फ से ढके पहाड़ों का दृश्य आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।
ओरछा, मध्य प्रदेश: इतिहास और प्रकृति का संगम
मध्य प्रदेश का यह ऐतिहासिक शहर बेतवा नदी के किनारे बसा है। मानसून के दौरान यहाँ के प्राचीन मंदिर, महल और स्मारक हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं। बारिश के पानी से भरी बेतवा नदी और उसके किनारे बने ऐतिहासिक घाटों का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है। यह जगह इतिहास और प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है।






