
Breaking Today, Digital Desk : बिहार की राजनीति में गरमाहट इन दिनों चरम पर है, खासकर चुनाव से पहले हर छोटी-बड़ी घटना पर सबकी पैनी नज़र है। ऐसे में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और बीजेपी सांसद रवि किशन की एयरपोर्ट पर हुई मुलाक़ात ने सियासी गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
सोचिए, एक तरफ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख चेहरा तेज प्रताप, जो अपने अलग अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं, और दूसरी तरफ बीजेपी के फायरब्रांड नेता और भोजपुरी सुपरस्टार रवि किशन। दोनों अचानक एक ही छत के नीचे, और वो भी एयरपोर्ट पर! ये नज़ारा अपने आप में चौंकाने वाला था।
जैसे ही ये खबर फैली, लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे। क्या ये सिर्फ एक इत्तेफाक था? या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक चाल है? बिहार चुनाव से पहले इस तरह की मुलाक़ात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस तस्वीर को लेकर तरह-तरह की बातें हो रही हैं। कुछ लोग इसे ‘दोस्ती’ का नाम दे रहे हैं, तो कुछ इसे ‘सियासी खिचड़ी’ का हिस्सा मान रहे हैं।
तेज प्रताप यादव ने इस मुलाक़ात को सामान्य बताया है। उनका कहना है कि रवि किशन से उनकी कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई, यह सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी। लेकिन राजनीति में हर छोटी बात के बड़े मतलब होते हैं। खासकर जब चुनाव सिर पर हों, तो ऐसी तस्वीरें अपने आप में एक बड़ा संदेश दे जाती हैं।
रवि किशन भी बीजेपी के बड़े चेहरे हैं और भोजपुरी बेल्ट में उनकी अच्छी पकड़ है। वहीं, तेज प्रताप RJD के युवा और प्रभावशाली नेता हैं। ऐसे में इन दोनों की मुलाक़ात से विपक्ष भी चौकन्ना हो गया है। क्या ये भविष्य की किसी नई संभावना की ओर इशारा कर रहा है? या ये सिर्फ एक संयोग है जिसे बेवजह हवा दी जा रही है?
फिलहाल, इस मुलाक़ात के पीछे की असल कहानी क्या है, ये तो वक्त ही बताएगा। लेकिन इतना तय है कि इस एक तस्वीर ने बिहार की चुनावी बिसात पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक विश्लेषक अपने-अपने हिसाब से इसके मायने निकालने में लगे हैं। अब देखना ये होगा कि आने वाले दिनों में ये ‘एयरपोर्ट मुलाक़ात’ बिहार की राजनीति में और क्या-क्या गुल खिलाती है।






