
Breaking Today, Digital Desk : शार्क टैंक इंडिया की जज और एमक्योर फार्मास्युटिकल्स की कार्यकारी निदेशक, नमिता थापर, व्यावसायिक कौशल और दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं. हाल ही में, उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक ऐसे मुद्दे पर खुलकर बात की है, जिस पर अक्सर खामोशी छाई रहती है – पेरिमेनोपॉज़. थापर ने इस चुनौतीपूर्ण चरण के अपने व्यक्तिगत अनुभव को साझा करते हुए लाखों महिलाओं को प्रेरित किया है और इस विषय पर एक महत्वपूर्ण संवाद को जन्म दिया है.
चुनौतियों का सामना: शारीरिक और भावनात्मक
नमिता थापर ने बताया कि पेरिमेनोपॉज़ के दौरान उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव का सामना करना पड़ा, जिसके कारण वे एनीमिक हो गईं और उनका हीमोग्लोबिन स्तर 8 से भी नीचे चला गया. इस वजह से उन्हें पांच महीने तक इंजेक्शन भी लगवाने पड़े. “शार्क टैंक” जैसे हाई-प्रोफाइल शो की शूटिंग के दौरान उन्हें बैठने तक में दिक्कत होती थी. इसके अलावा, उन्हें हार्मोनल सूजन, हॉट फ्लैशेस और अनिद्रा जैसी समस्याओं से भी जूझना पड़ा. यह सिर्फ शारीरिक ही नहीं, बल्कि एक भावनात्मक रूप से भी थका देने वाला अनुभव था.
जागरूकता और संवाद की पहल
नमिता थापर का मानना है कि महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं देतीं और इन मुद्दों पर बोलने में संकोच करती हैं. उन्होंने “शार्क टैंक” जैसे मंच का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य, आईवीएफ और अब पेरिमेनोपॉज़ जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा करने के लिए किया है, ताकि अन्य महिलाओं को भी इस बारे में जानकारी मिल सके. उनका कहना है कि कई महिलाओं को इसके लक्षणों और उपचार के विकल्पों के बारे में पता नहीं होता. अपने अनुभवों को साझा करके, वह इस चुप्पी को तोड़ने और महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी लेने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं.
पेरिमेनोपॉज़: एक स्वाभाविक चरण
पेरिमेनोपॉज़, जिसे रजोनिवृत्ति संक्रमण भी कहा जाता है, वह समय है जब शरीर स्वाभाविक रूप से रजोनिवृत्ति के लिए तैयार होता है. यह आमतौर पर 40 की उम्र के आसपास शुरू होता है, लेकिन कुछ महिलाओं में यह 30 के दशक के मध्य में भी शुरू हो सकता है. इस दौरान, हार्मोन के स्तर में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे अनियमित मासिक धर्म, गर्म चमक, नींद में खलल और मूड में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.
जीवनशैली और लचीलापन
इस चुनौतीपूर्ण दौर में भी, नमिता थापर ने अपने पेशेवर जीवन में सक्रियता बनाए रखी. उनका सफर इस बात का प्रमाण है कि सही जानकारी, चिकित्सकीय सहायता और अपनी देखभाल को प्राथमिकता देकर इस चरण का सामना किया जा सकता है. विशेषज्ञ स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने की सलाह देते हैं ताकि पेरिमेनोपॉज़ के लक्षणों को प्रबंधित करने में मदद मिल सके. थापर की कहानी दृढ़ता की एक मिसाल है, जो यह दर्शाती है कि महिलाएं स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना करते हुए भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकती हैं.






