
Breaking Today, Digital Desk : अशोक गहलोत ने हाल ही में बिहार की राजनीति को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने सबकी भौंहें चढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा है कि अगर चिराग पासवान हमारी विचारधारा से सहमत होते हैं, तो उन्हें बिहार में गठबंधन का हिस्सा बनाने में कोई आपत्ति नहीं होगी। गहलोत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में राजनीतिक सरगर्मियां तेज़ हैं और सभी दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लगे हैं।
इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं। एक तरफ जहां कांग्रेस बिहार में अपनी पकड़ मज़बूत करना चाहती है, वहीं चिराग पासवान भी अपनी पार्टी को एक नई दिशा देने की तलाश में हैं। अगर कांग्रेस और चिराग पासवान एक साथ आते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल बिहार के राजनीतिक समीकरण बदलेंगे, बल्कि आगामी चुनावों पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि चिराग पासवान इस ‘ऑफर’ पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या बिहार में एक नया राजनीतिक गठबंधन देखने को मिलता है। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन गहलोत के इस बयान ने बिहार की सियासत को गरमा ज़रूर दिया है।






