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ऑपरेशन सिंदूर, सपा सांसद ने सरकार से पूछा – देश का गुस्सा क्यों नहीं देखा…

Operation Sindoor SP MP asked the government - why did you not see the anger of the country

Breaking Today, Digital Desk : लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हुई एक तीखी बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद रमाशंकर राजभर ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले से पूरा देश गुस्से में था और सरकार से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे दिखावे की नहीं, बल्कि ‘ऑपरेशन तंदूर’ जैसी कठोर कार्रवाई की उम्मीद कर रहा था।

सलेमपुर से सांसद राजभर ने अपने भाषण में कहा कि हमले के बाद देश की भावनाएं उफान पर थीं। उन्होंने एक चुटीली लेकिन गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा, “देश इतना गुस्से में था कि तीसरे ही दिन लोग ऑपरेशन सिंदूर नहीं, बल्कि ऑपरेशन तंदूर चाहते थे, ताकि उन आतंकवादियों को उसी तंदूर में झोंक दिया जाए।” उनके इस बयान का सार यह था कि सरकार को आतंकवादियों के खिलाफ तत्काल और उतनी ही बर्बरता से कार्रवाई करनी चाहिए थी, जितनी बर्बरता उन्होंने निर्दोष लोगों की जान लेते समय दिखाई थी।

सांसद राजभर ने सरकार की कार्रवाई में हुई 17 दिनों की देरी पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 22 अप्रैल को हमला होता है और सरकार 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू करती है, जो केवल तीन दिनों में ही समाप्त भी हो गया।

इसके अलावा, उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को लेकर भी सरकार को घेरा, जिसमें ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने की बात कही थी। राजभर ने पूछा, “क्या ट्रंप झूठ बोल रहे हैं या हमारी सरकार सच्चाई छिपा रही है?” उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि यदि ट्रंप का दावा सही है, तो यह भारत की संप्रभुता और स्वतंत्र रूप से सैन्य एवं कूटनीतिक फैसले लेने की क्षमता पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।

राजभर ने अपने भाषण में स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि ‘नेताजी’ ने हमेशा भारत के स्वाभिमान को सर्वोपरि रखा और किसी भी बाहरी दबाव में न झुकने की वकालत की। उन्होंने सरकार को एक देसी कहावत याद दिलाते हुए कहा, “आकाश बांधो, पाताल बांधो, कम से कम अपनी टाटी (बाड़) तो बांधो।” उनका इशारा देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में सरकार की कथित विफलता की ओर था, जिसके कारण आतंकवादी सैकड़ों किलोमीटर अंदर आकर हमला करने में सफल रहे।[

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