बस्ती में चौरसिया स्मृति द्वार तोड़े जाने पर सियासत गरमाई, सपा-भाजपा में तनाव…
Politics heated up after Chaurasia Smriti Dwar was demolished in Basti, tension between SP and BJP

Breaking Today, Digital Desk : उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में पटेल चौक पर स्थित ‘बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया स्मृति द्वार’ को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़े जाने के बाद से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यह द्वार समाजवादी पार्टी (सपा) के सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव की निधि से बनवाया गया था, जिसके चलते अब यह मामला सपा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच टकराव का नया केंद्र बन गया है।[1] इस घटना ने स्थानीय चौरसिया समुदाय को नाराज कर दिया है, जिन्होंने इसे महापुरुष का अपमान करार दिया है।
स्थानीय निवासी अजय चौरसिया और चौरसिया समाज के अन्य लोगों ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।[1] उनका कहना है कि इस कृत्य से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं।
सदर विधायक महेंद्र नाथ यादव के निधि से निर्मित होने के कारण इस घटना ने राजनीतिक रंग ले लिया है। समाजवादी पार्टी के नेता इस घटना की निंदा कर रहे हैं, जबकि भाजपा पर समाज में वैमनस्य फैलाने के आरोप भी लग रहे हैं। हालांकि, किसी भी भाजपा नेता का नाम सीधे तौर पर इस घटना से नहीं जोड़ा गया है, लेकिन दोनों दलों के बीच पहले से जारी राजनीतिक खींचतान इस मामले में खुलकर सामने आ रही है।
इस घटना के बाद बस्ती में जातीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। चौरसिया समाज में आक्रोश है और वे लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं। वहीं, सपा इस मुद्दे को लेकर भाजपा को घेरने की तैयारी में है। जिले में पहले भी विभिन्न मुद्दों को लेकर सपा और भाजपा के बीच तनाव की स्थिति रही है।






