
Breaking Today, Digital Desk : अक्सर जब हमें लगातार खांसी होती है, तो हम इसका दोष बदलते मौसम या सामान्य सर्दी-जुकाम पर डाल देते हैं। ज़्यादातर मामलों में खांसी कुछ दिनों या हफ्तों में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर आपकी खांसी तीन हफ्तों से ज़्यादा समय तक बनी हुई है, तो यह किसी सामान्य संक्रमण से कहीं ज़्यादा हो सकती है। इसे “क्रॉनिक कफ” या पुरानी खांसी कहा जाता है, और इसके पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देना ज़रूरी है।
खांसी के सामान्य कारण जो अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाते हैं:
पोस्ट-नेज़ल ड्रिप (Postnasal Drip): यह लगातार खांसी के सबसे आम कारणों में से एक है। इसमें आपकी नाक या साइनस से बलगम बनकर गले के पिछले हिस्से में टपकता रहता है। इससे गले में खराश और बार-बार खांसी आती है, खासकर जब आप लेटते हैं।
अस्थमा (Asthma): जब हम अस्थमा के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में सांस फूलना और घरघराहट जैसी बातें आती हैं। लेकिन “कफ-वैरिएंट अस्थमा” नामक एक प्रकार है, जिसका मुख्य लक्षण सिर्फ लगातार सूखी खांसी होता है। यह ठंडी हवा या कुछ खास महक के संपर्क में आने पर और बढ़ सकती है।
एसिड रिफ्लक्स (GERD): गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) एक पाचन संबंधी समस्या है जिसमें पेट का एसिड भोजन नली (Esophagus) में वापस आ जाता है। यह एसिड गले में जलन पैदा करता है, जिससे एक ऐसी खांसी शुरू हो सकती है जो लंबे समय तक परेशान करती है।
संक्रमण (Infections): कभी-कभी सर्दी-जुकाम या फ्लू जैसे श्वसन संक्रमण ठीक होने के बाद भी खांसी बनी रहती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके वायुमार्ग में संक्रमण के बाद भी सूजन और संवेदनशीलता बनी रहती है।
अन्य गंभीर कारण जिन पर ध्यान देना आवश्यक है:
धूम्रपान (Smoking): धूम्रपान करने वालों में क्रॉनिक कफ बहुत आम है, जिसे अक्सर “स्मोकर्स कफ” कहा जाता है। यह क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
दवाओं के साइड इफेक्ट्स (Medication Side Effects): उच्च रक्तचाप के लिए ली जाने वाली कुछ दवाएं, विशेष रूप से एसीई इन्हीबिटर (ACE inhibitors), लगभग 20% रोगियों में सूखी और लगातार खांसी का कारण बन सकती हैं।
फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं (Lung Conditions): बहुत ही कम मामलों में, लगातार खांसी फेफड़ों की गंभीर समस्याओं जैसे ब्रोंकाइटिस, सीओपीडी, या फेफड़ों के कैंसर का भी संकेत हो सकती है। अगर खांसी के साथ वजन कम होना, बुखार या बलगम में खून आने जैसे लक्षण हैं, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।






