
Breaking Today, Digital Desk : बिहार में चुनावी माहौल पूरी तरह से गरम हो चुका है, और इस गरमाहट को और बढ़ा दिया है कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक कथित बयान ने। हाल ही में राहुल गांधी ने एक रैली में ‘घुसपैठियों’ का जिक्र करते हुए एक ऐसी बात कही, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत पलटवार कर दिया।
खबरों के मुताबिक, राहुल गांधी ने बिहार की एक जनसभा में कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो ‘घुसपैठियों’ को निकाला नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें यहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनके लिए ‘मोहब्बत की दुकान’ खोली जाएगी। इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
अमित शाह ने इस बयान को ‘वोट बैंक की राजनीति’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ‘सर’ (अर्थात अवैध रूप से मतदाता सूची में शामिल किए गए) मतदाताओं की बात कर रहे हैं और ‘घुसपैठियों’ को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि भाजपा घुसपैठियों को देश से बाहर निकालने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे वह असम हो या बिहार। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी वोट बैंक की खातिर देश की सुरक्षा से समझौता कर रहे हैं।
यह मुद्दा बिहार में आने वाले चुनावों में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बनने की पूरी संभावना है। जहां एक तरफ कांग्रेस इसे मानवीय दृष्टिकोण और समावेशी राजनीति के तौर पर पेश कर रही है, वहीं भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध अप्रवासन के मुद्दे से जोड़कर देख रही है।
इस पूरे विवाद से बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। देखना यह होगा कि इस ‘घुसपैठिया’ वाले बयान का चुनावों पर क्या असर पड़ता है और जनता इसे किस नजरिए से देखती है।






