
Breaking Today, Digital Desk : दिल्ली-एनसीआर में बच्चों के बीच एक रहस्यमय बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे माता-पिता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। यह बीमारी, जिसे हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (HFMD) के नाम से जाना जाता है, अब तक एक दुर्लभ घटना थी, लेकिन हाल के हफ्तों में इसके मामलों में वृद्धि देखी गई है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि फिलहाल इस बीमारी का कोई विशेष इलाज नहीं है, जिससे बचाव और लक्षणों का प्रबंधन ही एकमात्र उपाय है।
क्या है हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज?
हैंड, फुट एंड माउथ डिजीज (HFMD) एक वायरल संक्रमण है जो आमतौर पर बच्चों को प्रभावित करता है। यह कॉक्ससैकीवायरस नामक वायरस के कारण होता है। इस बीमारी में मुंह के अंदर, हथेलियों और पैरों के तलवों पर दर्दनाक छाले और लाल धब्बे हो जाते हैं। कभी-कभी ये छाले नितंबों पर भी दिखाई दे सकते हैं। इसके साथ ही, बच्चों को बुखार, गले में खराश और भूख न लगने जैसे लक्षण भी अनुभव हो सकते हैं।
लक्षण और पहचान
HFMD के लक्षणों में शामिल हैं:
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बुखार: हल्का या मध्यम बुखार अक्सर पहला लक्षण होता है।
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गले में खराश: बच्चे को खाना निगलने में परेशानी हो सकती है।
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मुँह के छाले: मुंह के अंदर, जीभ और गालों पर छोटे, दर्दनाक लाल छाले दिखाई देते हैं।
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त्वचा पर दाने: हथेलियों, पैरों के तलवों और कभी-कभी नितंबों पर लाल धब्बे या छोटे छाले विकसित होते हैं।
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भूख न लगना: दर्द और असहजता के कारण बच्चे की भूख कम हो सकती है।
ये लक्षण आमतौर पर संक्रमण के 3-7 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रकोप
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में HFMD के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई अस्पतालों और क्लीनिकों में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ी है जो इन लक्षणों के साथ आ रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि यह बदलता मौसम और स्कूलों के फिर से खुलने के कारण हो सकता है, जहां बच्चे एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं।
कोई विशेष इलाज नहीं, रोकथाम ही कुंजी
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि HFMD के लिए कोई विशेष एंटीवायरल दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। उपचार मुख्य रूप से लक्षणों को कम करने और बच्चे को आराम प्रदान करने पर केंद्रित होता है। इसमें शामिल हैं:
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दर्द निवारक: बुखार और दर्द को कम करने के लिए पेरासिटामोल या आइबुप्रोफेन जैसी दवाएं।
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हाइड्रेशन: बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ पीने के लिए प्रोत्साहित करें, खासकर अगर मुंह के छाले हैं।
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आराम: बच्चे को पर्याप्त आराम करने दें।
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स्वच्छता: हाथों को बार-बार धोना, खासकर डायपर बदलने या खाँसने/छींकने के बाद, संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है।
माता-पिता के लिए चेतावनी और सुझाव
दिल्ली-एनसीआर के डॉक्टर माता-पिता को सतर्क रहने और बच्चों में किसी भी संदिग्ध लक्षण पर ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं।
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यदि आपके बच्चे में HFMD के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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अपने बच्चे को स्कूल या डे-केयर न भेजें जब तक कि वह पूरी तरह से ठीक न हो जाए।
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घर में संक्रमित बच्चे के साथ संपर्क में आने वाले अन्य बच्चों और वयस्कों को भी स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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खिलाने के बर्तन, खिलौने और अन्य सतहों को नियमित रूप से साफ और कीटाणुरहित करें।
आगे क्या?
हालांकि HFMD आमतौर पर एक हल्की बीमारी है और बच्चे एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में निर्जलीकरण या दुर्लभ जटिलताएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और जागरूकता बढ़ाने के उपाय कर रहे हैं। इस बीमारी से निपटने के लिए सामुदायिक स्तर पर स्वच्छता और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।






