
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में हुए एशिया कप फाइनल 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने एक ट्वीट को री-पोस्ट किया। यह ट्वीट प्रधानमंत्री मोदी के एक पुराने बयान से जुड़ा था, जिसमें भारत को “युद्ध में घसीटने” की बात कही गई थी। इस घटना ने खेल जगत और राजनीति, दोनों में हलचल मचा दी है।
मामला क्या है?
एशिया कप का फाइनल हमेशा से ही भारत और पाकिस्तान के लिए एक हाई-वोल्टेज मुकाबला रहा है। लेकिन इस बार खेल से ज़्यादा चर्चा मोहसिन नकवी के सोशल मीडिया एक्टिविटी की हो रही है। उन्होंने एक ऐसे ट्वीट को अपने अकाउंट से री-पोस्ट किया, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि भारत को खेल के बहाने ‘युद्ध’ जैसे माहौल में घसीटा जा रहा है। यह सीधे तौर पर पीएम मोदी के एक पहले के बयान को निशाना बनाता दिख रहा था।
विवाद क्यों?
यह कोई पहली बार नहीं है जब भारत-पाक क्रिकेट मुकाबलों में राजनीतिक बयानबाज़ी देखने को मिली है। लेकिन एक क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा इस तरह के संवेदनशील ट्वीट को री-पोस्ट करना कई सवाल खड़े करता है। क्या खेल को राजनीति से दूर नहीं रखना चाहिए? खासकर जब दोनों देशों के बीच पहले से ही तनाव का माहौल हो, ऐसे में ऐसे बयान आग में घी डालने का काम करते हैं।
आगे क्या?
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग नकवी के बयान का समर्थन कर रहे हैं, तो वहीं ज़्यादातर लोग इसे गैर-ज़िम्मेदाराना बता रहे हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंध पहले से ही नाजुक दौर में हैं, और ऐसे बयान इन संबंधों को और बिगाड़ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि इस विवाद पर दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड और सरकारें क्या प्रतिक्रिया देती हैं। क्या यह सिर्फ एक ट्वीट था, या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साज़िश है?




