
Breaking Today, Digital Desk : भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी द्वारा 2014 में दायर किए गए 100 करोड़ रुपये के मानहानि मामले में मद्रास उच्च न्यायालय ने मुकदमा शुरू करने का आदेश दिया है. यह मामला लगभग 11 साल से लंबित था. धोनी ने यह मुकदमा 2013 के आईपीएल सट्टेबाजी घोटाले में उनका नाम घसीटे जाने के बाद दायर किया था.
मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में धोनी के बयान और सबूतों को दर्ज करने के लिए एक एडवोकेट कमिश्नर की नियुक्ति की है. न्यायमूर्ति सी.वी. कार्तिकेयन ने यह आदेश देते हुए कहा कि धोनी के सेलिब्रिटी होने के कारण उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से अदालत में अव्यवस्था हो सकती है, इसलिए यह कदम उठाया गया है. एडवोकेट कमिश्नर को 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर, 2025 के बीच चेन्नई में धोनी का बयान दर्ज करने का निर्देश दिया गया है.
यह मामला तब आगे बढ़ा जब धोनी ने एक हलफनामा दायर कर 2014 से लंबित इस मुकदमे को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई. उन्होंने कहा कि वे 20 अक्टूबर से 10 दिसंबर, 2025 के बीच जिरह के लिए उपलब्ध रहेंगे और जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
धोनी ने 2014 में ज़ी मीडिया कॉर्पोरेशन, पत्रकार सुधीर चौधरी, सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार और न्यूज़ नेशन नेटवर्क के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था. उनका आरोप है कि इन लोगों ने एक टीवी बहस के दौरान उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा.
यह मामला इतने सालों से इसलिए लंबित था क्योंकि इसमें शामिल पक्ष विभिन्न राहतों की मांग को लेकर लगातार अदालत का दरवाजा खटखटा रहे थे. उल्लेखनीय है कि इस मामले से जुड़ी एक अवमानना याचिका में मद्रास उच्च न्यायालय ने सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार को 15 दिन की जेल की सजा सुनाई थी, जिस पर बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी.






