
Breaking Today, Digital Desk : केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारतीय अर्थव्यवस्था को “डेड इकोनॉमी” बताने वाली टिप्पणी का समर्थन करने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को समझना चाहिए कि वह अब बच्चे नहीं हैं और उन्हें देश की गरिमा को ध्यान में रखकर बोलना चाहिए।
रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान को “भारत विरोधी” करार देते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “न केवल सरकार के लोग, बल्कि विपक्ष के सदस्य भी कह रहे हैं कि राहुल गांधी जो कह रहे हैं वह देश विरोधी है।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले सामानों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा करते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को “डेड” बताया। इसके बाद राहुल गांधी ने ट्रंप की बात का समर्थन करते हुए कहा, “हां, वह सही कह रहे हैं। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को छोड़कर यह बात सब जानते हैं। मुझे खुशी है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने तथ्य बताए हैं।”
राहुल गांधी ने इसके लिए मोदी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इसके पांच कारण गिनाए, जिनमें “अडानी-मोदी की साझेदारी, नोटबंदी और दोषपूर्ण जीएसटी, एक असफल ‘असेंबल इन इंडिया’ पहल, एमएसएमई का सफाया और किसानों का उत्पीड़न” शामिल है।[
रिजिजू ने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को लगातार धमकाने और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ नेता भी अंदर ही अंदर राहुल गांधी का विरोध करने लगे हैं।
वहीं, कांग्रेस के भीतर भी राहुल गांधी के इस बयान को लेकर एकमत नहीं है। कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला और शशि थरूर ने ट्रंप की टिप्पणी से असहमति जताई है।
बीजेपी ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा करते हुए कहा है कि यह देश की आकांक्षाओं और उपलब्धियों का अपमान है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने कहा कि अगर कुछ “डेड” है तो वह राहुल गांधी की अपनी राजनीतिक विश्वसनीयता है।






