
Breaking Today, Digital Desk : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में स्वामी विवेकानंद के 1893 के ऐतिहासिक शिकागो भाषण को याद किया। उन्होंने इसे इतिहास के सबसे प्रेरणादायक और यादगार पलों में से एक बताया। यह वही भाषण था जिसने पूरी दुनिया के सामने भारत की समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का परिचय कराया।
स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1893 को शिकागो में विश्व धर्म संसद में अपना वो अद्भुत भाषण दिया था। उस समय उन्होंने ‘अमेरिका के मेरे भाइयों और बहनों’ जैसे शब्दों से अपना संबोधन शुरू किया था, जिसने वहाँ मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया था। इस भाषण के ज़रिए उन्होंने न केवल भारतीय दर्शन की गहराई को समझाया, बल्कि सहिष्णुता और सार्वभौमिक स्वीकृति का भी संदेश दिया।
पीएम मोदी का यह कदम हमें फिर से उस महान पल की याद दिलाता है, जब एक युवा संन्यासी ने पश्चिमी दुनिया के सामने भारत की प्राचीन बुद्धिमत्ता का डंका बजाया था। विवेकानंद जी का वो भाषण आज भी लाखों लोगों को प्रेरणा देता है और हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखता है। यह हमें सिखाता है कि कैसे अलग-अलग धर्म और संस्कृतियाँ एक साथ शांति और सद्भाव से रह सकती हैं।




