
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में हुई उच्च-स्तरीय बैठक ने एक अप्रत्याशित विवाद को जन्म दे दिया है। सोशल मीडिया पर इस बात की जोरदार अटकलें लगाई जा रही हैं कि ट्रंप से मिलने वाले शख्स असली व्लादिमीर पुतिन नहीं, बल्कि उनके कोई हमशक्ल थे। इन दावों ने एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें लोग तस्वीरों और वीडियो का हवाला देकर कई तरह के सवाल उठा रहे हैं।
यह अटकलें तब तेज हुईं जब बैठक की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गए। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि ट्रंप के साथ खड़े पुतिन की लंबाई सामान्य से अधिक लग रही थी। आमतौर पर ट्रंप से काफी छोटे दिखने वाले पुतिन का कद इस मुलाकात में लगभग बराबर नजर आ रहा था, जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया।
इसके अलावा, कुछ लोगों ने पुतिन के हाव-भाव और शारीरिक भाषा में भी बदलाव महसूस किया। उनका कहना था कि पुतिन का आत्मविश्वास कम लग रहा था और उनके गाल पहले से ज्यादा भरे हुए दिखाई दे रहे थे। कुछ ने तो यहां तक दावा किया कि उनके चलने का तरीका भी अलग था, खासकर उनके दाहिने हाथ की हरकत, जो कि केजीबी में उनकी पृष्ठभूमि के कारण एक विशेष तरीके से स्थिर रहती है।
हालांकि, इन दावों के विपरीत, एक बॉडी लैंग्वेज एक्सपर्ट ने पुतिन के चलने के तरीके को उनका प्रसिद्ध ‘गनस्लिंगर गेट’ बताया, जो उनके लिए सामान्य है। वहीं, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले भी कई मौकों पर अपने हमशक्ल होने की बातों को सिरे से खारिज कर चुके हैं। पिछले साल दिसंबर में, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा बनाए गए अपने एक डिजिटल अवतार के सवाल का जवाब देते हुए भी उन्होंने कहा था कि उनका कोई बॉडी डबल नहीं है।
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी समय-समय पर यह दावा करती रही है कि पुतिन सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए कम से कम तीन बॉडी डबल का इस्तेमाल करते हैं। यहां तक कि पुतिन के एक हमशक्ल को जहर दिए जाने की खबरें भी सामने आ चुकी हैं, जिसे क्रेमलिन ने सिरे से खारिज कर दिया था।
अलास्का में हुई यह मुलाकात यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, इस बैठक के नतीजों से ज्यादा इसके इर्द-गिर्द घूम रहे इस विवाद ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। फिलहाल, ये दावे केवल सोशल मीडिया और इंटरनेट पर चल रही अटकलों तक ही सीमित हैं और किसी भी पक्ष ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।






