
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में न्यूयॉर्क में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की एक अहम बैठक हुई, जिसकी मेज़बानी हमारे विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर में कई चुनौतियाँ हैं और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की ज़रूरत पहले से कहीं ज़्यादा महसूस की जा रही है।
बैठक में सभी ब्रिक्स सदस्य देशों – ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका – के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बातचीत का मुख्य मुद्दा था संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधारों की ज़रूरत। जयशंकर ने इस बात पर खास ज़ोर दिया कि दुनिया बदल रही है और ऐसे में सुरक्षा परिषद को भी समय के साथ बदलना चाहिए ताकि यह आज की वैश्विक वास्तविकताओं को बेहतर ढंग से दर्शा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगर हमें दुनिया की बड़ी समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान करना है तो सुरक्षा परिषद में सभी क्षेत्रों और विकासशील देशों को ज़्यादा प्रतिनिधित्व मिलना ज़रूरी है।
मंत्रियों ने इस बात पर सहमति जताई कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर विकासशील देशों की आवाज़ को मज़बूत करना बेहद ज़रूरी है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था, आतंकवाद से निपटने और जलवायु परिवर्तन जैसी साझा चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। सभी देश इस बात पर राज़ी थे कि इन मुद्दों से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग ही सबसे अच्छा रास्ता है।
इस बैठक से यह साफ़ होता है कि ब्रिक्स देश वैश्विक शासन में सुधार और ज़्यादा समावेशी अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत हमेशा से इन सुधारों का एक बड़ा समर्थक रहा है और आगे भी अपनी आवाज़ उठाता रहेगा।




