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आतंकियों के कर्मों का हुआ हिसाब, धर्म का नहीं, ऑपरेशन सिंदूर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह…

Terrorists' deeds are accounted for, not their religion, Defence Minister Rajnath Singh on Operation Sindoor

Breaking Today, Digital Desk : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता की सराहना करते हुए एक कड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई किसी के धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि आतंकवादियों के कर्मों के आधार पर की गई थी. मध्य प्रदेश के रायसेन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत की नीति हमेशा शांति की रही है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

राजनाथ सिंह ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि निर्दोष लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाया गया. इसके जवाब में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा चलाए गए “ऑपरेशन सिंदूर” का उद्देश्य केवल उन लोगों को दंडित करना था जिन्होंने यह क्रूर कृत्य किया था. उन्होंने कहा, “हमने तय किया कि हम किसी का धर्म पूछकर नहीं मारेंगे, हम उनके कर्म देखकर मारेंगे… और हमने उन्हें मार गिराया.”

अपने संबोधन में रामायण का एक प्रसंग सुनाते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि जब हनुमान जी लंका में थे और उन्होंने रावण के सैनिकों का वध किया, तो उन्होंने माता सीता से कहा, “हे माता, जिन मोहि मारा, तिन माई मारे,” अर्थात जिन्होंने मुझे मारा, मैंने उन्हें ही मारा. सिंह ने कहा कि यही सिद्धांत “ऑपरेशन सिंदूर” पर भी लागू होता है; यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ थी जिन्होंने हमारे नागरिकों को निशाना बनाया.

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों को आतंकवाद से निपटने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है. सिंह ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस पूरी कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना ने अत्यधिक संयम बरता और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी निर्दोष नागरिक को कोई नुकसान न पहुंचे.

रक्षा मंत्री ने भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का भी उल्लेख किया, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में. उन्होंने बताया कि आज भारत का रक्षा निर्यात लगभग 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो देश की विनिर्माण क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण छलांग को दर्शाता है.

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