
Breaking Today, Digital Desk : ओडिशा में भाजपा नेता आलोक आचार्य की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में पूर्व बीजद विधायक विक्रम पांडा समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे पुरानी दुश्मनी और राजनीतिक रंजिश बताई जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, पिछले हफ्ते ब्रह्मपुर के पास दिगा पहाड़ी पर भाजपा के युवा मोर्चा के नेता आलोक आचार्य का शव मिला था। उनकी बेरहमी से हत्या की गई थी। इस घटना के बाद से इलाके में तनाव फैल गया था और भाजपा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की थी।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था। SIT ने कई दिनों तक जांच पड़ताल की और संदिग्धों से पूछताछ की। आखिरकार, पुलिस को इस मामले में अहम सुराग मिले और उन्होंने पूर्व बीजद विधायक विक्रम पांडा और उनके 7 साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
विक्रम पांडा का क्या रोल?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विक्रम पांडा और आलोक आचार्य के बीच पुरानी राजनीतिक दुश्मनी थी। बताया जा रहा है कि पांडा इस इलाके में आलोक के बढ़ते प्रभाव से खुश नहीं थे। इसी रंजिश के चलते पांडा ने अपने साथियों के साथ मिलकर आलोक की हत्या की साजिश रची। हालांकि, पुलिस अभी भी मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं पर भी गौर कर रही है।
इस गिरफ्तारी के बाद ओडिशा की राजनीति में गरमाहट आ गई है। भाजपा ने बीजद पर निशाना साधते हुए कहा है कि यह हत्या राजनीतिक प्रतिशोध का नतीजा है। वहीं, बीजद ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि कानून अपना काम कर रहा है और सच जल्द सामने आएगा।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार किए गए सभी 8 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड मांगकर उनसे और पूछताछ करेगी ताकि हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके। इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।




