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मैनचेस्टर में हाथ मिलाने का ड्रामा, क्यों आलोचनाओं के घेरे में हैं बेन स्टोक्स…

Manchester handshake drama, Why is Ben Stokes under fire

Breaking Today, Digital Desk : मैनचेस्टर में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टेस्ट मैच के आखिरी दिन जो ड्रामा देखने को मिला, उसने क्रिकेट जगत में एक नई बहस छेड़ दी है। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स अपने व्यवहार के लिए बुरी तरह घिर गए हैं और कई पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी खेल भावना पर गंभीर सवाल उठाए हैं। स्टोक्स पर आरोप है कि उन्होंने भारतीय बल्लेबाजों रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया, जब वे अपने शतकों के करीब थे।

यह मामला मैच के अंतिम सत्र का है। भारतीय टीम दूसरी पारी में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी कर चुकी थी और मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा था। उस वक्त रवींद्र जडेजा 89 और वाशिंगटन सुंदर 80 रन पर नाबाद खेल रहे थे। दोनों ही बल्लेबाज अपने-अपने शतक पूरे करने की दहलीज पर थे। तभी इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने मैच को समय से पहले ही ड्रॉ पर समाप्त करने का प्रस्ताव रखा, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने विनम्रतापूर्वक अस्वीकार कर दिया।

भारतीय बल्लेबाजों का यह फैसला स्टोक्स को नागवार गुजरा। इसके बाद मैदान पर जो कुछ हुआ, उसने खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाई। इंग्लैंड के कप्तान ने अपने मुख्य गेंदबाजों को आराम देकर पार्ट-टाइम गेंदबाजों को लगा दिया, जिन्होंने बेमन से गेंदबाजी की।यही नहीं, मैदान पर भारतीय बल्लेबाजों पर फब्तियां भी कसी गईं, जो स्टंप माइक में साफ सुनाई दीं।

इस घटना के बाद इंग्लैंड के ही पूर्व दिग्गज क्रिकेटर जेफ्री बॉयकॉट ने बेन स्टोक्स को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा, “जैसा आप दूसरों के साथ करते हैं, वैसा ही आपके साथ होता है। जब इंग्लैंड की टीम को फायदा होता है, तो वे खूब बातें बनाते हैं, तो फिर भारत पर दोष क्यों मढ़ना? जब दो बल्लेबाज पूरे दिन मेहनत करके अपने शतक के करीब हों, तो उन्हें पूरा करने का हक है।” बॉयकॉट ने आगे कहा, “अगर आप किसी को कुछ कहते हैं, तो सुनने की भी क्षमता रखिए। मैं स्टंप माइक पर सुन सकता था कि वे भारतीयों पर छींटाकशी कर रहे थे, तो फिर भारत को उनके साथ अच्छा व्यवहार क्यों करना चाहिए?”

भारत के पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर ने भी स्टोक्स के रवैये की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा, “स्टोक्स एक बिगड़े हुए बच्चे की तरह व्यवहार कर रहे थे। जडेजा और सुंदर ने घंटों बल्लेबाजी करके टीम को मुश्किल से निकाला था और वे अपने शतक के करीब थे, ऐसे में भारत उनका प्रस्ताव क्यों स्वीकार करता?”

यह भी आरोप लगे कि मैच खत्म होने के बाद स्टोक्स ने भारतीय बल्लेबाजों से हाथ नहीं मिलाया, हालांकि बाद में सामने आए वीडियो से यह दावा गलत साबित हुआ। लेकिन, जिस तरह से उन्होंने मैच को जल्दी खत्म करने की कोशिश की और फिर भारतीय बल्लेबाजों के मना करने पर जो प्रतिक्रिया दी, उसने उनकी खेल भावना पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंग्लैंड टीम की हताशा को दिखाता है, जो भारतीय टीम के कड़े प्रतिरोध के सामने असहाय नजर आ रही थी।

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