
Breaking Today, Digital Desk : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिवंगत नेता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों का विरोध करने पर धमकी दी थी. हालांकि, इस दावे के तुरंत बाद ही अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने तथ्यों को सामने रखते हुए राहुल गांधी को घेरा और याद दिलाया कि उनके पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में लाए गए थे.
शनिवार को दिल्ली में आयोजित ‘वार्षिक कानूनी सम्मेलन 2025’ में बोलते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “मुझे याद है जब मैं कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ रहा था, तो अरुण जेटली जी को मुझे धमकाने के लिए भेजा गया था. उन्होंने मुझसे कहा, ‘अगर आप सरकार का विरोध करते रहे, कृषि कानूनों से लड़ते रहे, तो हमें आपके खिलाफ कार्रवाई करनी होगी’.” राहुल ने आगे कहा कि उन्होंने जेटली को जवाब दिया, ‘मुझे नहीं लगता कि आप जानते हैं कि आप किससे बात कर रहे हैं’.
राहुल गांधी का यह बयान सामने आते ही विवाद खड़ा हो गया. अरुण जेटली के बेटे और दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने इस दावे को तथ्यात्मक रूप से गलत और अपमानजनक बताया उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, “राहुल गांधी अब दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकी दी थी. मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि मेरे पिता का निधन 2019 में हो गया था, जबकि कृषि कानून 2020 में पेश किए गए थे.
रोहन ने आगे कहा कि किसी को विपरीत विचार रखने पर धमकाना उनके पिता के स्वभाव में नहीं था और वह हमेशा बातचीत और आम सहमति में विश्वास रखते थे उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके बारे में बोलते समय सावधानी बरतें
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी के किसी बयान पर इस तरह का विवाद हुआ है. इससे पहले भी उनके बयानों की तथ्यात्मक सटीकता पर सवाल उठते रहे हैं. जिस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने यह दावा किया, वहां वह संवैधानिक चुनौतियों और चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर जैसे मुद्दों पर भी बोल रहे थे.






