
Breaking Today, Digital Desk : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष पद के चुनाव में हो रही देरी पर एक मजेदार टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, “अगर हम ऐसा कर रहे होते, तो हो चुका होता।” यह बयान उन्होंने नागपुर में संघ मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया, जब उनसे भाजपा अध्यक्ष पद के चयन में हो रही देरी को लेकर सवाल पूछा गया।
भागवत की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भाजपा में अध्यक्ष पद को लेकर अटकलें तेज हैं। वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2024 में समाप्त हो चुका है, और पार्टी ने अभी तक नए अध्यक्ष का चुनाव नहीं किया है। इस देरी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
भागवत के बयान को इस संदर्भ में देखा जा रहा है कि आरएसएस और भाजपा के बीच गहरा संबंध है। आरएसएस को भाजपा की वैचारिक मार्गदर्शक संस्था माना जाता है, और संघ की सलाह को पार्टी में काफी महत्व दिया जाता है। ऐसे में भागवत का यह बयान कि “अगर हम ऐसा कर रहे होते, तो हो चुका होता,” एक हल्के-फुल्के अंदाज में यह दर्शाता है कि संघ इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं कर रहा है, या फिर अगर करता तो यह प्रक्रिया कब की पूरी हो चुकी होती।
यह टिप्पणी न केवल भाजपा के आंतरिक मामलों पर एक मजेदार रोशनी डालती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि संघ और भाजपा के रिश्तों में एक परिपक्वता और आपसी समझ है। भागवत का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इसे विभिन्न तरीकों से व्याख्यायित किया जा रहा है।






