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अमेरिका की इस महिला को क्यों भा गई भारत की जुगाड़ संस्कृति…

Why did this American woman like India's Jugaad culture...

Breaking Today, Digital Desk : आजकल जहां दुनिया में हर छोटी सी चीज़ खराब होने पर फेंक दी जाती है, वहीं भारत की एक आदत ने एक अमेरिकी महिला का दिल जीत लिया है। ये बात है भारत के ‘रिपेयर कल्चर’ की, यानी किसी भी टूटी हुई चीज़ को ठीक करवा कर दोबारा इस्तेमाल करने की संस्कृति।

अमेरिका में रहने वाली एक महिला ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने बताया कि भारत में उन्हें ये बात बहुत पसंद आई कि यहां अगर कुछ भी खराब हो जाता है, तो लोग उसे तुरंत फेंकने की बजाय ठीक करवाने की कोशिश करते हैं। उनका कहना है कि पश्चिमी देशों में लोग अक्सर नई चीज़ें खरीद लेते हैं, जबकि भारत में लोग पुराने सामान को भी ठीक करवा कर उसका सालों साल इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनके फुटवियर की सिर्फ स्ट्रैप टूट गई थी, और भारत में उन्हें तुरंत एक मोची मिल गया जिसने कुछ ही मिनटों में उसे ठीक कर दिया। अमेरिका में शायद उन्हें वो जूते फेंकने पड़ते और नए खरीदने पड़ते। ये सिर्फ फुटवियर की बात नहीं है, इलेक्ट्रॉनिक सामान से लेकर कपड़ों तक, भारत में हर चीज़ को ठीक करने वाले कारीगर आसानी से मिल जाते हैं।

ये ‘जुगाड़’ और ‘ठीक करने’ की संस्कृति सिर्फ पैसे बचाने की बात नहीं है, बल्कि ये पर्यावरण के लिए भी बहुत अच्छी है। जब हम चीज़ों को फेंकते नहीं, बल्कि ठीक करके इस्तेमाल करते हैं, तो इससे कचरा कम होता है और नए संसाधनों पर दबाव भी नहीं पड़ता।

इस अमेरिकी महिला की ये बात कई भारतीयों को भी अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी की याद दिला गई। वाकई, हम भारतीय अक्सर इस बात पर ध्यान नहीं देते कि हमारी ये आदत कितनी खास और टिकाऊ है।

तो अगली बार जब आपकी कोई चीज़ खराब हो जाए, तो उसे फेंकने से पहले एक बार ठीक करवाने के बारे में ज़रूर सोचें। क्या पता, आपकी ये छोटी सी कोशिश पर्यावरण के लिए कितनी बड़ी मदद साबित हो!

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