
Breaking Today, Digital Desk : भारत में जन्मदिन का मतलब होता है दोस्तों और परिवार का ढेर सारा प्यार, तोहफ़े और सबसे ज़रूरी, स्वादिष्ट खाना। लेकिन क्या हो अगर आपको किसी जन्मदिन की पार्टी में खाने के लिए कुछ भी न मिले? नीदरलैंड में रहने वाली एक भारतीय महिला, राशि अग्रवाल, ने वहां के जन्मदिन से जुड़े कुछ ऐसे ही रिवाजों के बारे में बताया है, जिन्हें सुनकर शायद आपको यकीन न हो।
राशि अग्रवाल अपने सोशल मीडिया वीडियोज़ के ज़रिए भारत और नीदरलैंड के सांस्कृतिक अंतरों को मज़ेदार अंदाज़ में बताती हैं, और उनके ये वीडियो काफी वायरल हो रहे हैं। अपने एक वीडियो में राशि ने डच जन्मदिनों के दो ऐसे रिवाजों का ज़िक्र किया जो भारतीयों के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं।
पहली बात तो यह है कि नीदरलैंड में अगर आपका जन्मदिन है और आप ऑफिस जा रहे हैं, तो कोई और आपके लिए केक नहीं लाएगा, बल्कि आपको खुद ही सबके लिए केक लेकर जाना होगा। यह भारत की परंपरा से बिल्कुल उल्टा है, जहाँ जन्मदिन वाले व्यक्ति को विशेष महसूस कराया जाता है और सहकर्मी उसके लिए केक का इंतज़ाम करते हैं।
दूसरा और शायद सबसे ज़्यादा हैरान करने वाला रिवाज जन्मदिन की पार्टी से जुड़ा है। राशि बताती हैं कि डच जन्मदिन की पार्टियों में आमतौर पर मेहमानों के लिए खाने का कोई खास इंतज़ाम नहीं होता। मेहमानों से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने घर से रात का खाना खाकर पार्टी में आएं। भारत में जहाँ मेहमाननवाज़ी को बहुत महत्व दिया जाता है और पार्टियों में खाने की भरमार होती है, यहाँ तक कि मेहमानों को घर ले जाने के लिए भी खाना दिया जाता है, वहीं नीदरलैंड की यह परंपरा बेहद अलग है।
राशि के इन खुलासों पर इंटरनेट पर लोगों ने खूब प्रतिक्रिया दी है। कई भारतीयों ने इसे “सेकेंड-हैंड कल्चरल शॉक” बताया, जबकि नीदरलैंड में पले-बढ़े कुछ देसी लोगों ने भी यह स्वीकार किया कि वे भी इन रिवाजों को आज तक पूरी तरह से नहीं अपना पाए हैं।






