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दुनिया के सबसे दयालु जज फ्रैंक कैप्रियो का निधन, भारत से था एक अनूठा रिश्ता…

The world's most compassionate judge Frank Caprio passed away, he had a unique relationship with India

Breaking Today, Digital Desk : अपनी दयालुता और मानवीय दृष्टिकोण के लिए दुनिया भर में “सबसे अच्छे जज” के रूप में मशहूर हुए अमेरिकी न्यायाधीश फ्रैंक कैप्रियो का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। वे अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे और उनका निधन 20 अगस्त, 2025 को हुआ। उनके निधन की खबर के बाद, भारत के साथ उनके विशेष जुड़ाव और यहां के लोगों के लिए उनके मन में जो सम्मान था, वह एक बार फिर चर्चा में है।

न्यायाधीश कैप्रियो, जो लगभग चार दशकों तक प्रोविडेंस म्युनिसिपल कोर्ट में जज रहे, अपने कोर्टरूम टीवी शो “कॉट इन प्रोविडेंस” के माध्यम से दुनिया भर में लोकप्रिय हुए। इस शो के वीडियो क्लिप्स, जिनमें वे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति सहानुभूति और समझदारी दिखाते थे, सोशल मीडिया पर वायरल हो गए और भारत में भी उन्हें खूब देखा और पसंद किया गया।

भारत के प्रति उनका लगाव सिर्फ वर्चुअल दुनिया तक ही सीमित नहीं था। कई मौकों पर भारत से लोग उनसे मिलने के लिए अमेरिका में उनके कोर्टरूम तक पहुंचे। यूट्यूब पर मौजूद वीडियो में देखा जा सकता है कि जब भारत से आए दर्शक उनसे मिले, तो जज कैप्रियो ने न केवल गर्मजोशी से उनका स्वागत किया, बल्कि अपने न्यायिक दर्शन को भी उनके साथ साझा किया। उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि उनका काम दुनिया के अलग-अलग कोनों तक पहुंच रहा है।

पिछले साल भारत के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, जज कैप्रियो ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से भारत के लोगों को बधाई दी थी। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “मैंने भारत के कई अद्भुत लोगों से मुलाकात की है, और मुझे भारत का मदर टेरेसा सामाजिक न्याय पुरस्कार प्राप्त करने का सम्मान मिला।” इस पोस्ट के साथ उन्होंने एक तस्वीर भी साझा की थी, जिसमें वे भारतीय तिरंगा झंडा और तिरंगे रंग का केक हाथ में लिए हुए थे। उन्होंने अपने संदेश में भारत के साहस, बलिदान और एकता को सलाम किया था।

जज कैप्रियो का मानना था कि न्याय करते समय कानून की सख्ती के साथ-साथ व्यक्ति की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है। उनका यही मानवीय पहलू था जिसने उन्हें करोड़ों दिलों में जगह दी। उनके निधन से दुनिया ने एक ऐसे न्यायाधीश को खो दिया ہے जिसने न्याय को दया और करुणा के साथ जोड़कर एक मिसाल कायम की।

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