नाग पंचमी पर भक्तों का यह अंदाज़ देख उड़ जाएंगे आपके होश…
You will be stunned to see this style of devotees on Nag Panchami.

Breaking Today, Digital Desk : नाग पंचमी का त्योहार भारत में एक महत्वपूर्ण और पारंपरिक उत्सव है, खासकर हिंदू धर्म में। इस दिन, नागों या साँपों की पूजा की जाती है, उन्हें दूध और अन्य प्रसाद चढ़ाए जाते हैं। यह त्योहार भगवान शिव से जुड़ा हुआ है, जिनके गले में हमेशा एक नाग रहता है। नाग पंचमी का त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।
नाग पंचमी के दिन, कई जगहों पर लोग जुलूस निकालते हैं, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजे-धजे भक्त शामिल होते हैं। कुछ भक्त इस दौरान जीवित साँपों को भी अपने साथ ले जाते हैं, जैसा कि हाल ही में एक वीडियो में देखा गया, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में भक्तगण श्रद्धापूर्वक जीवित साँपों को अपने कंधों पर या हाथों में लिए हुए चल रहे हैं, जो देखने वालों को हैरान कर रहा है। यह दृश्य भले ही कुछ लोगों के लिए डरावना हो, लेकिन भक्तों के लिए यह उनकी गहरी आस्था और परंपरा का प्रतीक है।
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है, जहाँ साँपों को देवतुल्य मानकर उनकी पूजा की जाती है। माना जाता है कि नाग पंचमी के दिन साँपों की पूजा करने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं और परिवार को किसी भी प्रकार के सर्प दोष या भय से मुक्ति मिलती है।
नाग पंचमी पर साँपों को दूध पिलाने या उन्हें छूने की प्रथा को लेकर अक्सर बहस होती रहती है। वन्यजीव विशेषज्ञ और पर्यावरण कार्यकर्ता अक्सर यह सलाह देते हैं कि जंगली साँपों को छेड़ा न जाए, क्योंकि इससे उन्हें नुकसान पहुँच सकता है और यह इंसानों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। वे पूजा के लिए साँपों की मूर्तियों या चित्रों का उपयोग करने की सलाह देते हैं। हालांकि, कई भक्त अपनी आस्था में इतने लीन होते हैं कि वे इन बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो एक बार फिर इस बहस को हवा दे रहा है कि आस्था और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। यह वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि भारतीय समाज में गहरी जड़ें जमा चुकी आस्था, परंपरा और आधुनिक सोच के बीच के टकराव को भी दर्शाता है।
अगर आप नाग पंचमी के बारे में और जानना चाहते हैं, तो इस विषय पर कई लेख और वीडियो उपलब्ध हैं। यह एक ऐसा त्योहार है जो भारत की सांस्कृतिक विविधता और आध्यात्मिक गहराई को दर्शाता है।






