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विश्व युवा कौशल दिवस पर सीएम योगी का संदेश: स्किल्ड युवा ही आत्मनिर्भर भारत की रीढ़, एआई और डिजिटल प्रशिक्षण से मिलेगा भविष्य का रास्ता

लखनऊ, 15 जुलाई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह आयोजन विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के 75 जनपदों से आए युवाओं ने अपने-अपने कौशल और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि “स्किल्ड युवा ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं और डबल इंजन की सरकार ऐसे युवाओं को हर संभव रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।” इस वर्ष की थीम “एआई और डिजिटल स्किल के माध्यम से युवा सशक्तिकरण” को बेहद प्रासंगिक बताते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह थीम युवाओं को तकनीकी युग की मुख्यधारा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है जहां 25 करोड़ की आबादी में 56 से 60 प्रतिशत तक युवा कामकाजी वर्ग से आते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर युवा को उसकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण और अवसर मिलें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2 करोड़ युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए स्मार्टफोन और टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं, जिनमें से अब तक 50 लाख से अधिक युवा लाभान्वित हो चुके हैं। टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से 150 राजकीय आईटीआई को नई तकनीकों से जोड़ा गया है, जिससे युवाओं को रोबोटिक्स, एआई, 3डी प्रिंटिंग, ऑटोमेशन जैसे सेक्टरों में प्रशिक्षित किया जा सके। प्रदेश में लगभग 400 राजकीय और 3000 निजी आईटीआई संचालित हो रहे हैं, जहां न्यूनतम शुल्क पर प्रशिक्षण उपलब्ध है। निजी आईटीआई के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति व अन्य प्रोत्साहन भी सरकार दे रही है। सीएम योगी ने कहा कि बीते आठ वर्षों में यूपी में परंपरागत उद्योगों को पुनर्जीवित किया गया है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) और ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान’ योजनाओं ने इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। ओडीओपी से डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है जबकि विश्वकर्मा योजना के तहत एक लाख से अधिक कारीगरों व हस्तशिल्पियों को प्रशिक्षण व टूलकिट वितरित की गई है। इसके अलावा, युवाओं को स्वरोजगार के लिए ‘सीएम युवा’ योजना के तहत ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जा रहा है। इस योजना से जनवरी 2024 से अब तक 50,000 से अधिक युवा लाभान्वित हो चुके हैं। मूलधन युवा लौटाएंगे और ब्याज सरकार वहन करेगी। साथ ही 7.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त ऋण भी मुहैया कराया जाएगा।सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश का हब बन चुका है। बेहतर कानून व्यवस्था और निवेशक अनुकूल माहौल के चलते 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं, जिससे लाखों रोजगार सृजित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को केवल डिग्री नहीं बल्कि स्किल चाहिए और इसके लिए संस्थानों को उद्योगों से जोड़ना होगा। उन्होंने बताया कि अब छात्रों को इंडस्ट्री के भीतर प्रोजेक्ट वर्क कराया जाएगा और उन्हें सीएम एवं पीएम इंटर्नशिप योजना से जोड़ा जाएगा, जिसके तहत सरकार उन्हें एक वर्ष तक ₹5000 प्रतिमाह देगी। इसके बाद उन्हें इंडस्ट्री द्वारा जॉब ऑफर मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को भी कौशल विकास से जोड़ते हुए कहा कि अब छात्र स्कूल स्तर से ही व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। ITI और माध्यमिक शिक्षा विभाग मिलकर स्कूलों में ड्युअल डिग्री या सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नए जमाने की तकनीकों—जैसे ड्रोन टेक्नोलॉजी, एआई, रोबोटिक्स, सोलर एनर्जी, IoT, 3डी प्रिंटिंग आदि—में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए विशेष पाठ्यक्रम चला रही है। साथ ही प्लंबिंग, इलैक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक और एसी टेक्नीशियन जैसे ट्रेड्स की भी मांग बनी हुई है। उन्होंने युवाओं से निराश न होने और लगातार प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि “हताशा में जीवन नहीं होता, मेहनत और प्रशिक्षण से ही सफलता की कहानी लिखी जाती है।”कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने 15 युवाओं को ‘यूथ आइकॉन’ सम्मान और 11 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इसके अलावा पांच स्किल रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया, जो ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास की जानकारी पहुंचाएंगे। उन्होंने मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान प्रयागराज को नॉलेज पार्टनर बनाकर एमओयू पर हस्ताक्षर भी करवाए। इस अवसर पर कार्यक्रम में व्यवसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री कपिल देव अग्रवाल, एमएसएमई मंत्री राकेश सचान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, श्रम राज्य मंत्री  मन्नू कोरी, मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

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