
Breaking Today, Digital Desk : मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में जहाँ लोकप्रियता अक्सर सोशल मीडिया फॉलोअर्स से आंकी जाती है, एक ऐसी ‘वेट एक्सपर्ट’ भी हैं जो इस भेड़चाल से कोसों दूर हैं। सोशल मीडिया पर उनके सिर्फ़ 800 फॉलोअर्स हो सकते हैं, लेकिन उनके काम की गूंज कहीं ज़्यादा बड़ी है। उनकी विशेषज्ञता और नतीजों पर भरोसा करने वालों में कोई और नहीं, बल्कि क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बच्चे, सारा और अर्जुन तेंदुलकर भी शामिल हैं।
यह कहानी उस विशेषज्ञ की है जिसकी पहचान उसके फॉलोअर्स की संख्या से नहीं, बल्कि उसके काम की गुणवत्ता से होती है। ऐसे समय में जब हर कोई ऑनलाइन प्रसिद्धि के पीछे भाग रहा है, वह चुपचाप अपने काम से प्रभाव पैदा कर रही हैं। उनका काम इस बात का प्रमाण है कि असली विशेषज्ञता को प्रचार की आवश्यकता नहीं होती; परिणाम खुद बोलते हैं। सारा और अर्जुन तेंदुलकर का उन पर विश्वास करना यह साबित करता है कि जब स्वास्थ्य और फिटनेस की बात आती है, तो भरोसेमंद और प्रभावी सलाह ही सबसे अधिक मायने रखती है, न कि सोशल मीडिया की लोकप्रियता।






