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दक्षिण चीन सागर, चीन और फिलीपींस के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव…

Why is tension increasing between China and Philippines in South China Sea?

Breaking Today, Digital Desk : दक्षिण चीन सागर हमेशा से अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रहा है, और हाल के दिनों में यहाँ तनाव और भी ज़्यादा बढ़ गया है। एक तरफ चीन है जो इस पूरे क्षेत्र पर अपना दावा करता है, और दूसरी तरफ फिलीपींस है जो अपने समुद्री अधिकारों की बात कर रहा है। इन दोनों के बीच अमेरिका का कूदना इस पूरे मामले को और भी दिलचस्प बना देता है।

दरअसल, चीन ने फिलीपींस को साफ़-साफ़ चेतावनी दी है कि वो दक्षिण चीन सागर में “उकसाने वाली हरकतें” बंद करे। चीन का आरोप है कि फिलीपींस जानबूझकर ऐसे कदम उठा रहा है जिससे क्षेत्र में शांति भंग हो सकती है। चीन लगातार फिलीपींस को अपनी संप्रभुता का सम्मान करने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की सलाह दे रहा है।

वहीं, फिलीपींस का कहना है कि वो अपने समुद्री क्षेत्र में ही काम कर रहा है और किसी भी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं कर रहा है। फिलीपींस के समुद्री जहाजों ने हाल के दिनों में कुछ ऐसे इलाकों में गश्त की है जिन्हें चीन अपना बताता है, और इसी को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा है। फिलीपींस को सबसे बड़ी ताकत मिल रही है अमेरिका से। अमेरिका ने खुले तौर पर फिलीपींस का समर्थन किया है और कहा है कि वो अपने सहयोगी देश के साथ खड़ा है। अमेरिका ने ये भी दोहराया है कि अगर फिलीपींस के जहाजों या सैनिकों पर कोई हमला होता है तो वो अपनी संधि के तहत जवाबी कार्रवाई करेगा।

अब सवाल यह उठता है कि आखिर फिलीपींस चीन को चुनौती देने की हिम्मत क्यों कर रहा है? इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक तो फिलीपींस अपनी संप्रभुता और समुद्री संसाधनों की रक्षा करना चाहता है। दूसरा, अमेरिका का समर्थन उसे एक बड़ी ताकत देता है, जिससे वो चीन के सामने खड़ा हो पाता है। अमेरिका की कोशिश है कि वो इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को कम कर सके।

इस पूरे विवाद में अब देखना यह होगा कि आगे क्या होता है। क्या चीन अपनी चेतावनी पर अमल करेगा? क्या फिलीपींस अपनी समुद्री गतिविधियों को जारी रखेगा? और क्या अमेरिका का समर्थन इस क्षेत्र में किसी बड़े टकराव को जन्म देगा? ये सवाल अभी भी बने हुए हैं, लेकिन एक बात तय है कि दक्षिण चीन सागर पर दुनिया की नज़रें बनी रहेंगी।

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