
Breaking Today, Digital Desk : कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी के आंसुओं का ज़िक्र किया था। प्रियंका ने कहा कि उनकी मां के आंसू किसी आतंकवादी के लिए नहीं, बल्कि तब बहे थे जब उन्होंने आतंकवादियों के हाथों अपने पति को खो दिया था।
लोकसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा, “सदन में मेरी मां के आंसुओं का जिक्र किया गया, और मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू तब गिरे जब उनके पति को आतंकवादियों ने शहीद कर दिया था, जब वह सिर्फ 44 साल की थीं।” उन्होंने आगे कहा कि आज वह पहलगाम के 26 पीड़ितों की बात इसलिए कर रही हैं क्योंकि वह उनके दर्द को समझती हैं।
दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने बाटला हाउस मुठभेड़ का ज़िक्र करते हुए कहा था कि सोनिया गांधी आतंकवादियों के लिए रोई थीं।इसी बयान का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रियंका ने पहलगाम आतंकी हमले में सुरक्षा चूकों का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि बैसरन घाटी में, जो एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कोई इंतज़ाम क्यों नहीं थे? उन्होंने कहा, “क्या सरकार को नहीं पता था कि हज़ारों पर्यटक बैसरन घाटी जाते हैं? वहां सुरक्षा क्यों नहीं थी? उन्हें भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया गया?”
कांग्रेस नेता ने सरकार पर सिर्फ श्रेय लेने और ज़िम्मेदारी से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “नेतृत्व सिर्फ श्रेय लेने से नहीं, बल्कि सफलता और विफलता दोनों की ज़िम्मेदारी लेने से बुलंद होता है। यह सोने का ताज नहीं है, कांटों का ताज है।” उन्होंने मुंबई आतंकी हमलों के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए मौजूदा सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि गृह मंत्री ने जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और उनकी मां के आंसुओं की तो बात की, लेकिन इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि पाकिस्तान के खिलाफ ‘युद्ध’ क्यों रोका गया।
यह पूरी बहस पहलगाम में हुए आतंकी हमले और उसके जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर हो रही थी, जिसमें प्रियंका गांधी ने सरकार पर सुरक्षा में गंभीर चूक और अपनी ज़िम्मेदारियों से भागने का आरोप लगाया।






