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क्या था गाजा अस्पताल पर डबल टैप हमला, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया…

What was the double tap attack on Gaza hospital, which shook the whole world...

Breaking Today, Digital Desk : यह 17 अक्टूबर, 2023 की शाम थी जब गाजा के अल-अहली अस्पताल पर हुए एक भयानक हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। सैकड़ों बेगुनाह लोगों की जान चली गई, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। इस घटना ने इजरायल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष को एक नया और खौफनाक मोड़ दे दिया।

लेकिन इस हमले के साथ ही एक शब्द तेजी से चर्चा में आया – ‘डबल टैप’ (Double Tap)। यह क्या है और क्यों इजरायल पर इसका इस्तेमाल करने के आरोप लगे, जिसने वैश्विक आलोचना को जन्म दिया? आइए समझते हैं।

क्या है ‘डबल टैप’ रणनीति?

‘डबल टैप’ एक सैन्य रणनीति है जिसमें किसी लक्ष्य पर दो बार हमला किया जाता है, लेकिन इन हमलों के बीच थोड़ा समय अंतराल होता है।

पहला हमला: इसका उद्देश्य होता है लक्ष्य को नुकसान पहुंचाना और बचाव या राहत कार्यों में लगे लोगों को मौके पर बुलाना।

दूसरा हमला: यह हमला तब किया जाता है जब पहला हमला होने के बाद लोग, खासकर बचावकर्मी और पत्रकार, घटनास्थल पर इकट्ठा होते हैं। इस दूसरे हमले का मकसद पहले हमले से बचे हुए लोगों या बचाव कार्यों में लगे लोगों को निशाना बनाना होता है, जिससे हताहतों की संख्या और बढ़ जाए।

यह रणनीति विशेष रूप से विवादास्पद और अमानवीय मानी जाती है क्योंकि यह जानबूझकर बचावकर्ताओं और नागरिकों को निशाना बनाती है, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आ सकता है।

गाजा अस्पताल और ‘डबल टैप’ के आरोप

अल-अहली अस्पताल की घटना के बाद, कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और मानवाधिकार समूहों ने इजरायल पर ‘डबल टैप’ रणनीति का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पहला हमला शायद एक मिसाइल या बम से हुआ, और जब लोग घायलों की मदद के लिए दौड़े, तब दूसरा हमला किया गया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।

हालांकि, इजरायल ने इन आरोपों से इनकार किया और कहा कि अस्पताल पर हमला हमास के रॉकेट से हुआ था जो गलत दिशा में चला गया था। वहीं, हमास ने इजरायल को दोषी ठहराया। इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग अभी भी जारी है।

वैश्विक आलोचना और मानवीय संकट

इस घटना ने वैश्विक स्तर पर इजरायल की कड़ी आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई देशों के नेताओं ने इस हमले की निंदा की और नागरिकों, विशेषकर अस्पतालों पर हमलों को रोकने का आह्वान किया।

गाजा पहले से ही एक भीषण मानवीय संकट का सामना कर रहा है, और ऐसे में अस्पतालों पर हमले से स्थिति और भी बिगड़ गई है। इस घटना ने एक बार फिर युद्ध के दौरान नागरिक सुरक्षा के महत्व और युद्ध अपराधों के प्रति जवाबदेही की आवश्यकता पर जोर दिया है।

यह समझना ज़रूरी है कि युद्ध की fog of war में अक्सर सच्चाई का पता लगाना मुश्किल होता है, लेकिन निर्दोष नागरिकों की जान जाना हमेशा एक त्रासदी है, जिसकी निंदा की जानी चाहिए।

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