
Breaking Today, Digital Desk : होमगार्ड में भर्ती होकर देश की सेवा करने का सपना देखने वाली एक युवती के साथ ऐसी खौफनाक घटना घटी, जिसने इंसानियत पर से भरोसा उठा दिया। भर्ती प्रक्रिया के दौरान दौड़ लगाते समय बेहोश हो जाने पर मदद के लिए बुलाई गई एंबुलेंस में ही उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया गया। इस मामले ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि रक्षकों के भक्षक बनने की एक दर्दनाक तस्वीर भी पेश की है।
यह शर्मनाक घटना गया के बीएमपी-3 परेड ग्राउंड में हुई, जहां होमगार्ड की भर्ती चल रही थी। 26 वर्षीय युवती भी इस भर्ती में हिस्सा लेने आई थी। दौड़ के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल ले जाने के लिए तुरंत एक एंबुलेंस बुलाई। लेकिन जिन लोगों पर उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की जिम्मेदारी थी, उन्हीं ने उसकी बेबसी का फायदा उठाया।
एंबुलेंस के ड्राइवर और एक टेक्नीशियन ने चलती गाड़ी में बेहोश युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। अस्पताल पहुंचने पर जब युवती को होश आया और उसे अपने साथ हुई हैवानियत का एहसास हुआ, तो उसने हिम्मत दिखाते हुए वहां मौजूद एक महिला डॉक्टर को आपबीती सुनाई। डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन कार्रवाई की। बोधगया के एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया और महज कुछ ही घंटों के भीतर दोनों आरोपियों, एंबुलेंस चालक विनय कुमार और टेक्निशियन अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से फोरेंसिक सबूत इकट्ठा किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है
एसएसपी ने भरोसा दिलाया है कि मामले की तेजी से जांच कर जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं। पीड़िता के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और अब उसे न्याय का इंतजार है।






