
Breaking Today, Digital Desk : ट्रंप का रूडी गिउलियानी को ‘प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम’ देना कई लोगों को अटपटा लग रहा है। यह अमेरिका का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और इसे उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने देश की सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। ऐसे में गिउलियानी को यह सम्मान क्यों मिल रहा है, जबकि उनके हालिया काम पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं?
रूडी गिउलियानी, जो कभी न्यूयॉर्क शहर के मेयर के तौर पर 9/11 हमलों के बाद अपनी लीडरशिप के लिए सराहे गए थे, आज डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकील के रूप में जाने जाते हैं। ट्रंप के लिए उन्होंने कई विवादास्पद काम किए हैं, खासकर 2020 के चुनावों को लेकर। उन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने चुनाव में धांधली के झूठे दावे फैलाए और जॉर्जिया जैसे राज्यों में चुनाव अधिकारियों पर दबाव डाला। इन सब बातों ने उनकी छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है।
विपक्षी और कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गिउलियानी का यह सम्मान उनके राजनीतिक हितों को साधने और ट्रंप के प्रति उनकी वफादारी का इनाम है, न कि देश के लिए उनके वास्तविक योगदान का। कई लोगों का कहना है कि यह सम्मान ऐसे व्यक्ति को दिया जा रहा है जिसने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने की कोशिश की है।
वहीं, ट्रंप और उनके समर्थकों का मानना है कि गिउलियानी ने राष्ट्रपति के लिए महत्वपूर्ण काम किया है और वे इसके हकदार हैं। उनके अनुसार, गिउलियानी ने ट्रंप के आरोपों को गंभीरता से लिया और उनकी तरफ से लड़ाई लड़ी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि इस सम्मान के बाद गिउलियानी की विरासत को कैसे देखा जाता है। क्या यह उनके 9/11 के नायक वाली छवि को दोबारा मजबूत करेगा या फिर उनके विवादास्पद राजनीतिक करियर के हिस्से के रूप में ही देखा जाएगा?




