
Breaking Today, Digital Desk : परेश रावल, जो अपनी दमदार अदाकारी और सुलझी हुई बातों के लिए जाने जाते हैं, अब एक ऐसे विषय पर फिल्म लेकर आ रहे हैं, जो शायद कई लोगों को हैरान कर दे. उनकी आने वाली फिल्म ‘द ताज स्टोरी’ को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, और इसकी वजह है सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) की इस पर पैनी नज़र. खबरें हैं कि CBFC ने फिल्म के निर्माताओं से कुछ ऐतिहासिक दस्तावेज़ और सबूत मांगे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि फिल्म में जो दिखाया जा रहा है, वह तथ्यों पर आधारित है.
यह पहली बार नहीं है जब किसी ऐतिहासिक फिल्म को इतनी बारीकी से परखा जा रहा हो. दरअसल, जब भी कोई फिल्म इतिहास से जुड़े किसी संवेदनशील विषय पर बनती है, तो मेकर्स की ज़िम्मेदारी और भी बढ़ जाती है. उन्हें यह साबित करना होता है कि वे किसी भी तरह के विवाद को जन्म नहीं देना चाहते और उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ एक कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना है. ‘द ताज स्टोरी’ के मेकर्स भी इसी प्रक्रिया से गुज़र रहे हैं. उन्होंने CBFC को वे सभी ज़रूरी ऐतिहासिक दस्तावेज़ और प्रमाण सौंप दिए हैं, जिनकी मांग की गई थी.
अब देखना यह होगा कि इन दस्तावेज़ों की जांच के बाद CBFC का अगला कदम क्या होता है और क्या परेश रावल की यह फिल्म, जिसे लेकर इतनी उत्सुकता बनी हुई है, आसानी से पर्दे पर आ पाएगी या उसे किसी और पड़ाव से गुज़रना होगा. दर्शकों के मन में भी कई सवाल हैं – क्या यह फिल्म ताजमहल के बारे में कुछ नए तथ्य सामने लाएगी? क्या यह हमारी सोच को बदलेगी? ये सब तो फिल्म देखने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन फिलहाल के लिए इतना तय है कि ‘द ताज स्टोरी’ ने अपनी रिलीज़ से पहले ही खूब सुर्खियां बटोर ली हैं.






