
Breaking Today, Digital Desk : आप किसी ऐसी सिचुएशन में हैं जहाँ आपके सामने किसी को अचानक दिल का दौरा पड़ा और वो बेहोश हो गया। ऐसे में सबसे पहली बात जो दिमाग में आती है, वो है ‘क्या करें?’ घबराहट होना स्वाभाविक है, लेकिन इस समय अगर आप शांत रहकर सही कदम उठाएं, तो आप किसी की जान बचा सकते हैं। और वो सही कदम है CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन)।
CPR कोई रॉकेट साइंस नहीं है; यह कुछ आसान स्टेप्स का एक सेट है जिसे कोई भी सीख सकता है। आइए, जानते हैं कि इमरजेंसी में आप कैसे CPR देकर किसी की जान बचाने में मदद कर सकते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले मदद बुलाओ!
जैसे ही आपको लगे कि कोई बेहोश हो रहा है या उसे दिल का दौरा पड़ा है, सबसे पहला काम है 102 या 112 (या जो भी इमरजेंसी नंबर हो) पर कॉल करना। जब तक मेडिकल हेल्प पहुंचती है, तब तक CPR शुरू करना बहुत ज़रूरी है। अगर आपके साथ कोई और है, तो आप उससे कॉल करने को कह सकते हैं और खुद CPR शुरू कर सकते हैं।
स्टेप 2: देखें, क्या व्यक्ति रिस्पॉन्ड कर रहा है?
व्यक्ति के कंधे को हल्के से हिलाकर पूछें, “क्या आप ठीक हैं?” अगर कोई जवाब न मिले, तो इसका मतलब है कि वो बेहोश है और उसे तुरंत मदद की ज़रूरत है। यह भी देखें कि क्या वो साँस ले रहा है या उसकी साँस सामान्य नहीं है। अगर साँस नहीं आ रही या सिर्फ हांफ रहा है, तो CPR शुरू करें।
स्टेप 3: छाती को दबाना शुरू करें (चेस्ट कंप्रेशन)
यही CPR का सबसे अहम हिस्सा है।
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सही पोजीशन: व्यक्ति को पीठ के बल एक सख्त और सपाट जगह पर लिटा दें। आप उसके बगल में घुटनों के बल बैठ जाएं।
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हाथों की पोजीशन: अपने एक हाथ की हथेली को व्यक्ति की छाती के ठीक बीच में, निप्पल के बीच वाली लाइन पर रखें। फिर दूसरे हाथ को पहले हाथ के ऊपर रखें और अपनी उंगलियों को आपस में फंसा लें।
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दबाने का तरीका: अपनी कोहनियों को सीधा रखें और अपने शरीर के वजन का इस्तेमाल करते हुए छाती को दबाएं। आपको लगभग 2 इंच (5 सेंटीमीटर) गहरा दबाना है। एक मिनट में लगभग 100-120 बार दबाना है। यह “स्टेइंग अलाइव” गाने की ताल जितनी तेज़ होता है।
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लगातार दबाएं: दबाव देने के बाद छाती को पूरी तरह से ऊपर आने दें ताकि दिल में खून भर सके, फिर दोबारा दबाएं। रुकना नहीं है, लगातार दबाते रहना है।
स्टेप 4: मुंह से साँस देना (माउथ-टू-माउथ ब्रीदिंग) – अगर आप ट्रेंड हैं
अगर आपने CPR की ट्रेनिंग ली है, तो 30 बार छाती दबाने के बाद 2 बार मुंह से साँस दें।
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व्यक्ति की नाक को बंद करें।
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अपने मुंह को उसके मुंह पर रखकर हवा अंदर फूँकें (लगभग 1 सेकंड के लिए)।
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देखें कि उसकी छाती ऊपर उठ रही है या नहीं।
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दो बार साँस देने के बाद, तुरंत फिर से छाती दबाना शुरू कर दें।
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अगर आप माउथ-टू-माउथ ब्रीदिंग करने में असहज महसूस करते हैं या आपने ट्रेनिंग नहीं ली है, तो सिर्फ छाती दबाते रहें। यह भी बहुत प्रभावी होता है।
स्टेप 5: मेडिकल हेल्प आने तक जारी रखें
CPR तब तक करते रहें जब तक:
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मेडिकल हेल्प टीम न आ जाए और वे स्थिति को संभाल न लें।
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व्यक्ति साँस लेना शुरू न कर दे या होश में न आ जाए।
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आप पूरी तरह से थक न जाएं और CPR जारी रख पाना असंभव न हो जाए।
CPR सीखना सिर्फ एक स्किल नहीं, यह एक जीवनदान है। थोड़ी सी जानकारी और हिम्मत से आप किसी भी इमरजेंसी में हीरो बन सकते हैं। अपने आस-पास के लोगों और अपनों की जान बचाने के लिए CPR की ट्रेनिंग लेना हमेशा एक अच्छा विचार है।






