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रजनीकांत का करिश्मा और नागार्जुन का दमदार अभिनय फिल्म को बनाता है खास…

Rajinikanth's charisma and Nagarjuna's powerful acting make the film special

Breaking Today, Digital Desk : लोकेश कनगराज के निर्देशन में बनी फिल्म “कुली” सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है और इसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है फिल्म में सुपरस्टार रजनीकांत का ऊर्जावान और आकर्षक स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखता है वहीं, नागार्जुन ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है, जो कहानी में गहराई जोड़ता है

फिल्म की कहानी एक ऐसे व्यक्ति देवा (रजनीकांत) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने दोस्त राजशेखर (सत्यराज) की मौत का सच जानने निकलता है इस दौरान उसका सामना साइमन (नागार्जुन) से होता है, जो एक तस्करी सिंडिकेट का सरगना है कहानी में कई उतार-चढ़ाव हैं और दोस्ती, विश्वासघात और बदले की भावना को दर्शाया गया है

रजनीकांत ने “कुली” में एक बार फिर अपने दमदार अभिनय से साबित कर दिया है कि उन्हें क्यों ‘थलाइवा’ कहा जाता है. उनके प्रशंसकों के लिए यह फिल्म किसी तोहफे से कम नहीं है. नागार्जुन का खलनायक के रूप में प्रदर्शन प्रभावशाली है, हालांकि कुछ समीक्षकों का मानना है कि उनके किरदार को और बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था. श्रुति हासन ने भी अपने किरदार के साथ न्याय किया है

फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है, जो कहानी के रोमांच को और बढ़ा देता है. सिनेमैटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस भी फिल्म के स्तर को बढ़ाते हैं हालांकि, कुछ लोगों के अनुसार फिल्म की लंबाई थोड़ी ज्यादा है और कहानी का औसत होना एक कमजोर पहलू है फिल्म के कुछ सबप्लॉट आधे-अधूरे लगते हैं जिन्हें और विस्तार दिया जा सकता था.

कुल मिलाकर, “कुली” रजनीकांत के प्रशंसकों के लिए एक मनोरंजक फिल्म है जो उनके स्टाइल और करिश्मे को पर्दे पर जीवंत करती है. यह एक एक्शन-ड्रामा फिल्म है जिसमें दमदार अभिनय और बेहतरीन संगीत का तड़का है.

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