
Breaking Today, Digital Desk : मुरथल, दिल्ली-चंडीगढ़ हाइवे पर स्थित, सिर्फ़ पराठों के लिए ही नहीं, बल्कि एक ऐसे ढाबे के लिए भी मशहूर है जहाँ की चाय हर राहगीर को अपनी ओर खींच लेती है। आप सोच रहे होंगे, भला चाय में ऐसा क्या ख़ास? ये कोई आम चाय नहीं, ये वो चाय है जो ज़ुबान पर चढ़ जाए और उसका स्वाद घंटों तक याद रहे।
शुरुआत में, ये ढाबा ख़ासकर ट्रक ड्राइवरों के लिए एक ठहराव का ठिकाना था। लंबी यात्राओं के बाद, उन्हें यहाँ गरमा गरम चाय और खाने से सुकून मिलता था। लेकिन धीरे-धीरे, इस ढाबे की शोहरत इतनी बढ़ गई कि परिवार भी इसकी ओर खिंचे चले आने लगे।
आप कह सकते हैं कि यहाँ ‘चाय से ज़्यादा चाय’ बिकती है। इसका मतलब है कि सिर्फ़ चाय ही नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ा अपनापन, गरमाहट और एक अनूठा अनुभव भी लोग यहाँ से ले जाते हैं। ढाबे का माहौल, कर्मचारियों का दोस्ताना व्यवहार और हाँ, वो ख़ास चाय बनाने का तरीक़ा – ये सब मिलकर इसे एक अनोखी जगह बनाते हैं।
आज, ये ढाबा एक लैंडमार्क बन चुका है। वीकेंड पर तो यहाँ पैर रखने की जगह नहीं मिलती। लोग दूर-दूर से यहाँ का स्वाद चखने आते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों तक, हर कोई यहाँ के खाने और चाय का दीवाना है।
तो अगली बार जब आप मुरथल से गुज़रें, तो इस ढाबे पर रुकना न भूलें। गरमा गरम चाय की चुस्की लें और उस अनुभव को महसूस करें जो इसे सिर्फ़ एक ढाबे से कहीं ज़्यादा बनाता है।






