
Breaking Today, Digital Desk : क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में कोई ऐसा शहर भी हो सकता है जहाँ प्याज खाने पर पाबंदी हो? जी हाँ, ऐसा एक शहर है और इसकी वजह जानकर आप हैरान रह जाएंगे। भारत के गुजरात राज्य में स्थित ‘पालिताणा’ एक ऐसा पवित्र शहर है जहाँ न केवल प्याज, बल्कि लहसुन का सेवन और बिक्री भी पूरी तरह से वर्जित है।
क्या है इसके पीछे की वजह?
दरअसल, पालिताणा को जैन धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक माना जाता है। यहाँ सैकड़ों की संख्या में खूबसूरत जैन मंदिर हैं और यह शहर ‘शत्रुंजय पहाड़’ पर स्थित है, जिसे जैन धर्म में बहुत ही पूजनीय माना जाता है। जैन धर्म में अहिंसा और सात्विक जीवन शैली पर विशेष जोर दिया जाता है। इसी परंपरा के तहत, जैन अनुयायी प्याज और लहसुन जैसी सब्जियों को ‘तामसिक’ मानते हैं। उनके अनुसार, ये सब्जियाँ मन में उत्तेजना पैदा करती हैं और ध्यान भंग करती हैं।
प्याज और लहसुन को जमीन के नीचे उगने वाली सब्जी माना जाता है, और जैन दर्शन के अनुसार, इन्हें खाने से कई छोटे जीवों को नुकसान पहुँचता है जो मिट्टी में रहते हैं। इसलिए, यहाँ के जैन समुदाय ने सामूहिक रूप से यह नियम बनाया है कि शहर में कोई भी प्याज-लहसुन का सेवन या व्यापार नहीं करेगा।
कैसी होती है यहाँ की रसोई?
अब आप सोच रहे होंगे कि प्याज-लहसुन के बिना खाने का स्वाद कैसा होता होगा? लेकिन पालिताणा में लोग इस परंपरा का पूरी श्रद्धा से पालन करते हैं। यहाँ के रेस्टोरेंट और घरों में बिना प्याज-लहसुन के ही स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए जाते हैं। उनकी रसोई में अदरक, हरी मिर्च और विभिन्न मसालों का बखूबी इस्तेमाल होता है, जिससे खाने का स्वाद बरकरार रहता है। यह एक बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे धार्मिक आस्था और परंपराएं हमारी जीवनशैली को प्रभावित करती हैं।
अगर आप कभी पालिताणा जाएँ, तो इस अनोखी परंपरा का अनुभव जरूर करें और देखें कि कैसे एक पूरा शहर बिना प्याज-लहसुन के अपनी पाक कला में माहिर है!






