एक छात्र की ज़ुबान फिसली, और गुवाहाटी में असम का दिल टूट गया, जुबीन गर्ग के निधन पर विवाद…
A student's slip of the tongue, and Assam's heart breaks in Guwahati, controversy erupts over the death of Zubeen Garg...

Breaking Today, Digital Desk : ज़ूबिन गर्ग के जाने का दुख पूरे असम में है, ये तो हम सब जानते हैं। उनकी कला और संगीत ने सबको जोड़ रखा था। ऐसे में जब कोई उनके निधन पर कुछ ऐसा कह दे जिससे लोगों की भावनाएं आहत हों, तो गुस्सा तो आएगा ही।
हाल ही में गुवाहाटी से एक खबर आई, जिसने काफी लोगों को हैरान और नाराज़ किया। ज़ूबिन गर्ग के निधन पर सोशल मीडिया पर एक छात्र की कुछ टिप्पणियां वायरल हो गईं। ये टिप्पणियां इतनी आपत्तिजनक थीं कि लोग भड़क उठे। छात्र ने कुछ ऐसे शब्द इस्तेमाल किए जो न सिर्फ असमिया लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाते थे, बल्कि एक कलाकार के सम्मान के खिलाफ भी थे।
अब हुआ ये कि जैसे ही ये बात फैली, लोगों ने इस छात्र को ढूंढना शुरू कर दिया। देखते ही देखते उसकी पहचान सामने आ गई और फिर सोशल मीडिया पर उसे जमकर लताड़ा गया। कई लोगों ने उसकी पोस्ट के स्क्रीनशॉट शेयर किए और उसे ‘वायरल/सस्ती पब्लिसिटी’ पाने की कोशिश करार दिया। बात इतनी बढ़ गई कि छात्र को बाद में माफी भी मांगनी पड़ी। उसने कहा कि उसका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का नहीं था, और उसने अपनी गलती मान ली।
ये घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखने से पहले हमें कितना सावधान रहना चाहिए। एक छोटे से ‘मज़ाक’ या लापरवाह टिप्पणी का कितना बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। ज़ूबिन गर्ग सिर्फ एक गायक नहीं थे, वे असम की शान थे। उनके लिए लोगों के मन में जो सम्मान है, उसे समझना बहुत ज़रूरी है।
इस घटना से यही सीख मिलती है कि हमें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए, खासकर जब बात किसी ऐसे व्यक्ति की हो जिसने समाज और कला के लिए इतना कुछ किया हो।






