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भारत में हाथों और पैरों के इन्फेक्शन का बढ़ता ख़तरा, क्या आप जानते हैं क्यों…

The risk of hand and foot infections is increasing in India, do you know why.

Breaking Today, Digital Desk : आजकल हम देख रहे हैं कि भारत में हाथों और पैरों में होने वाले इन्फेक्शन की समस्या काफ़ी बढ़ गई है। पहले ये दिक्कतें ख़ासकर मॉनसून या नमी वाले मौसम में दिखती थीं, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि ये साल भर परेशान करने लगी हैं। आख़िर ऐसा क्यों हो रहा है? आइए, थोड़ा गहराई से समझते हैं।

1. साफ़-सफ़ाई की कमी और बदलती आदतें:
शहरों में बढ़ती भीड़ और तेज़ी से भागती ज़िंदगी में कई बार हम अपनी साफ़-सफ़ाई का उतना ध्यान नहीं रख पाते, जितना रखना चाहिए। हाथों को ठीक से न धोना, गंदे हाथों से खाना खा लेना या किसी संक्रमित जगह को छू लेना, ये सब छोटे-छोटे कारण बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकते हैं। इसके अलावा, आजकल लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट, जिम, और दफ़्तरों जैसी जगहों पर ज़्यादा समय बिताते हैं, जहाँ इन्फेक्शन फैलने का ख़तरा भी ज़्यादा होता है।

2. जूते-चप्पल और मोज़े:
हमारे पैरों में इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण हमारे जूते-चप्पल और मोज़े भी होते हैं। अगर हम ऐसे जूते पहनते हैं जिनमें हवा ठीक से नहीं लगती या जो ज़्यादा टाइट होते हैं, तो पसीना जमा होता है। यह पसीना फंगस और बैक्टीरिया को पनपने के लिए बढ़िया माहौल देता है। सिंथेटिक मोज़े पहनने से भी यही समस्या आती है, क्योंकि वे नमी को रोक नहीं पाते।

3. पानी की क्वालिटी और नमी:
कई इलाक़ों में पानी की क्वालिटी अच्छी न होने से भी त्वचा संबंधी इन्फेक्शन बढ़ जाते हैं। अगर हम ऐसे पानी से हाथ-पैर धोते हैं या वो हमारे सीधे संपर्क में आता है, तो इन्फेक्शन का ख़तरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, भारत के कई हिस्सों में साल के ज़्यादातर समय नमी रहती है, जो फंगल इन्फेक्शन जैसे दाद या एथलीट फ़ुट के लिए एकदम सही स्थिति है।

4. जागरूकता की कमी:
बहुत से लोगों को यह पता ही नहीं होता कि छोटे-मोटे खुजली या लाल धब्बे भी किसी इन्फेक्शन की शुरुआत हो सकते हैं। वे अक्सर इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं या ख़ुद ही कोई घरेलू नुस्खा अपना लेते हैं, जिससे समस्या और बढ़ जाती है। सही समय पर डॉक्टर के पास न जाने से इन्फेक्शन गंभीर रूप ले सकता है।

5. एंटीबायोटिक्स का ग़लत इस्तेमाल:
एक और बड़ी वजह है एंटीबायोटिक्स का बेतरतीब इस्तेमाल। कई बार लोग छोटी-मोटी दिक्कत होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक्स ले लेते हैं। इससे न केवल एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ता है, बल्कि यह शरीर के अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस को बढ़ने का मौक़ा मिल जाता है।

हम क्या कर सकते हैं?
इन इन्फेक्शन से बचने के लिए हमें कुछ बातों का ध्यान रखना होगा:

  • नियमित रूप से हाथ-पैर धोएँ और उन्हें अच्छी तरह सुखाएँ।

  • साफ़ और हवादार जूते-चप्पल पहनें, और सूती मोज़े चुनें।

  • सार्वजनिक जगहों पर नंगे पैर न चलें।

  • पानी की साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखें।

  • त्वचा में कोई भी बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

  • बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयाँ न लें।

थोड़ी सावधानी और अच्छी आदतों से हम इन बढ़ती हुई इन्फेक्शन की समस्याओं से बच सकते हैं और स्वस्थ रह सकते हैं।

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