
Breaking Today, Digital Desk : तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों खूब गहमागहमी है। भारत राष्ट्र समिति (BRS) ने कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले बोले हैं और आरोप लगाया है कि रेवंत रेड्डी सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। BRS के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने तो एक कदम आगे बढ़कर ‘कांग्रेस डेट कार्ड’ (Congress Debt Card) भी लॉन्च कर दिया, जिससे ये मुद्दा और गरमा गया है।
KTR ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस ने लोगों से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद वे उन वादों को भूल गए हैं। KTR ने विशेष रूप से किसानों की कर्जमाफी, महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता और अन्य गारंटियों का जिक्र किया, जो अभी तक पूरी नहीं हुई हैं।
‘कांग्रेस डेट कार्ड’ असल में एक प्रतीकात्मक कार्ड है, जिसे KTR ने यह दिखाने के लिए लॉन्च किया है कि कांग्रेस सरकार तेलंगाना के लोगों पर ‘कर्ज’ बढ़ा रही है। उनका आरोप है कि सरकार जन कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान देने के बजाय वित्तीय कुप्रबंधन कर रही है। KTR ने दावा किया कि तेलंगाना के लोग अब कांग्रेस के झूठे वादों से तंग आ चुके हैं और उन्हें जवाब चाहिए।
इस पूरे मामले पर रेवंत रेड्डी सरकार की ओर से भी प्रतिक्रिया आई है। उनका कहना है कि वे अपने वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन इसके लिए समय लगेगा। उन्होंने BRS पर बेवजह राजनीति करने का आरोप लगाया है।
अब देखना ये होगा कि तेलंगाना की जनता इन आरोपों और प्रत्यारोपों को कैसे देखती है। क्या कांग्रेस सरकार अपने वादों को पूरा कर पाएगी या BRS के ‘डेट कार्ड’ का दांव भारी पड़ेगा? ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।






