बेंगलुरु के ट्रैफिक पर मंत्री जी का बयान, सच या सिर्फ बहाना…
Minister's statement on Bengaluru traffic, truth or just an excuse...

Breaking Today, Digital Desk : बेंगलुरु का ट्रैफिक तो मानो एक ऐसी समस्या बन गया है, जिससे हर कोई जूझ रहा है। रोज़ाना घंटों जाम में फंसे रहना यहाँ की आम बात है। ऐसे में, जब कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस ट्रैफिक पर कुछ ऐसा कहा कि लोगों को बात हजम नहीं हुई।
दरअसल, उन्होंने बेंगलुरु के बढ़ते ट्रैफिक जाम का बचाव करते हुए कहा कि, “ये तो एक अच्छे शहर की निशानी है।” उनका कहना था कि जब कोई शहर आर्थिक रूप से बढ़ रहा होता है और उसमें लोगों के लिए खूब नौकरियाँ होती हैं, तो ऐसे शहरों में ट्रैफिक जाम होना लाज़मी है। उन्होंने न्यूयॉर्क और लंदन जैसे बड़े शहरों का उदाहरण भी दिया, जहाँ ट्रैफिक की समस्या आम है।
मंत्री जी ने यह भी कहा कि अगर शहर में ट्रैफिक जाम नहीं होगा, तो इसका मतलब है कि शहर आर्थिक रूप से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले के मुकाबले अब बेंगलुरु में हर दिन 3,000 से ज्यादा नई गाड़ियाँ सड़कों पर आ रही हैं, जो शहर के विकास को दर्शाती हैं।
लेकिन, उनका यह ‘जस्टिफिकेशन’ लोगों को कुछ खास पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर लोग लगातार मंत्री जी के इस बयान पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि ट्रैफिक जाम किसी भी शहर के लिए अच्छी बात नहीं है और सरकार को इस समस्या का हल निकालना चाहिए, न कि उसे एक ‘अच्छे शहर की निशानी’ बताना चाहिए।
ट्रैफिक जाम से न सिर्फ लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ता है और लोगों को मानसिक तनाव भी होता है। अब देखना यह है कि सरकार इस समस्या को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाती है।






