
Breaking Today, Digital Desk : हेयर कलर करवाना आजकल एक बहुत आम बात हो गई है। सफेद बालों को छुपाना हो या फिर अपने लुक को थोड़ा बदलना हो, बहुत से लोग हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसका हमारी सेहत पर क्या असर पड़ सकता है? खासकर, क्या हेयर कलर से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ सकता है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है, और इस पर अक्सर बहस भी होती है। आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स इस बारे में क्या कहते हैं।
कई सालों से यह मुद्दा चर्चा में रहा है कि हेयर कलर में मौजूद केमिकल्स और कैंसर के बीच कोई संबंध है या नहीं। कुछ रिसर्च में पाया गया है कि हेयर कलर के नियमित और लंबे समय तक इस्तेमाल से कुछ तरह के कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ सकता है, जिनमें ब्रेस्ट कैंसर भी शामिल है। वहीं, कुछ अन्य रिसर्च इस बात को पूरी तरह से साबित नहीं कर पाई हैं।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हेयर कलर में कई तरह के केमिकल होते हैं, जैसे अमोनिया, परॉक्साइड और पैरा-फेनिलेंडियामाइन (PPD)। ये केमिकल्स शरीर में अवशोषित (absorb) हो सकते हैं और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, अभी तक यह साफ तौर पर नहीं कहा जा सकता कि यही केमिकल सीधे तौर पर ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर कलर से जुड़े कैंसर के खतरे को लेकर अभी और शोध की जरूरत है। फिलहाल, वे कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह देते हैं:
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कम केमिकल वाले प्रोडक्ट चुनें: अगर आप हेयर कलर का इस्तेमाल करते हैं, तो ऐसे प्रोडक्ट चुनें जिनमें अमोनिया और PPD जैसे हानिकारक केमिकल कम हों या न हों। आजकल ऑर्गेनिक और हर्बल हेयर कलर भी उपलब्ध हैं।
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कम बार कलर करें: हेयर कलर का इस्तेमाल जितनी कम बार हो सके, उतना ही अच्छा है।
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सही तरीके से इस्तेमाल करें: हमेशा प्रोडक्ट पर दिए गए निर्देशों का पालन करें। स्किन टेस्ट जरूर करें ताकि किसी भी एलर्जी से बचा जा सके।
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माहौल का ध्यान रखें: कलर करवाते समय हवादार जगह पर रहें ताकि केमिकल्स की गंध कम से कम आए।
तो, क्या हेयर कलर से ब्रेस्ट कैंसर होता है? सीधे शब्दों में कहें तो, अभी तक इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है कि हेयर कलर सीधे तौर पर ब्रेस्ट कैंसर का कारण बनता है। लेकिन सावधानी बरतना हमेशा अच्छा होता है। अगर आपको कोई चिंता है, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।






