
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कह रही हैं कि उन्हें राफेल विमानों के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस वीडियो ने तुरंत लोगों का ध्यान खींचा और कई सवाल खड़े कर दिए।
क्या वाकई ऐसा था? क्या राष्ट्रपति ने ऐसा कोई बयान दिया था?
भारत सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेकिंग इकाई, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई की और इस वीडियो की सच्चाई सामने रखी। PIB ने साफ तौर पर बताया कि यह वीडियो फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है। यानी, राष्ट्रपति मुर्मू ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया था, जैसा कि वीडियो में दिखाया गया है।
आजकल AI टेक्नोलॉजी इतनी एडवांस हो गई है कि वह असली लगने वाले वीडियो और ऑडियो बना सकती है, जिससे सच और झूठ में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में हमें किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई ज़रूर जान लेनी चाहिए। PIB जैसी सरकारी संस्थाएं इसी काम में हमारी मदद करती हैं।
यह घटना हमें याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हर बात पर आंखें मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। फेक न्यूज और गलत सूचनाएं समाज में भ्रम फैला सकती हैं, इसलिए हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।




