
Breaking Today, Digital Desk : हाल ही में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की कोलाथुर विधानसभा सीट को लेकर एक बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा है कि इस सीट पर 4000 से ज़्यादा ऐसे वोटर हैं, जो फर्जी हैं या जिनकी पहचान संदिग्ध है. यह आरोप ऐसे समय में आया है जब राज्य में चुनावी गहमागहमी तेज़ है और इसने तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचा दी है.
सीतारमण ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है. उनका कहना है कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाना चाहिए ताकि सच सामने आ सके.
अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए सीतारमण ने कुछ दस्तावेज और सबूत भी पेश किए हैं. उनका कहना है कि ये फर्जी वोटर्स सिर्फ कोलाथुर सीट पर ही नहीं, बल्कि तमिलनाडु की कई अन्य सीटों पर भी हो सकते हैं. अगर यह बात सही साबित होती है, तो यह राज्य के चुनावी इतिहास में एक बड़ा घोटाला हो सकता है.
डीएमके (DMK) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और राजनीति से प्रेरित हैं. उनका कहना है कि बीजेपी (BJP) जानबूझकर स्टालिन और डीएमके को बदनाम करने की कोशिश कर रही है क्योंकि वे आगामी चुनावों में अपनी हार देख रहे हैं.
अब देखना यह होगा कि चुनाव आयोग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है. अगर ये आरोप सही साबित होते हैं, तो इसका असर न सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति पर पड़ेगा, बल्कि देश के चुनावी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठेंगे. फिलहाल, इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज़ हो गई है और सभी की निगाहें चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी हैं.






