
Breaking Today, Digital Desk : स्वतंत्रता दिवस के अवसर को यादगार बनाने और देशवासियों में राष्ट्रवाद की भावना को और प्रबल करने के उद्देश्य से, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर अपने महत्वाकांक्षी ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की घोषणा की है। यह अभियान 11 अगस्त से 15 अगस्त तक पूरे देश में चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से देशवासियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्रीय गौरव का जश्न मनाने का आह्वान किया है।
अभियान की रूपरेखा
इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत भाजपा ने कई कार्यक्रमों की योजना बनाई है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के अनुसार, 11 और 13 अगस्त को देश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके अतिरिक्त, 12, 13 और 14 अगस्त को स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाओं और युद्ध स्मारकों पर पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी तथा स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
अभियान के अंतर्गत, 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य देश के विभाजन के दौरान हुई त्रासदी को याद करना और उससे सीख लेना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की प्रोफाइल पिक्चर को बदलकर तिरंगे की तस्वीर लगा दी है और देशवासियों से भी ऐसा करने का आग्रह किया है। उन्होंने harghartiranga.com वेबसाइट का लिंक भी साझा किया है, जिस पर लोग तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड कर सकते हैं।
पिछले वर्षों की सफलता को दोहराने का प्रयास
‘हर घर तिरंगा’ अभियान पहली बार 2022 में ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत शुरू किया गया था और इसे देश भर में अभूतपूर्व सफलता मिली थी। उसी सफलता को दोहराते हुए, इस वर्ष भी भाजपा ने इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने का लक्ष्य रखा है। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी पदाधिकारियों को इसकी सफलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बिहार जैसे राज्यों में, इस अभियान को 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रवाद के मुद्दे को उठाकर जनता से जुड़ना है।
यह अभियान न केवल स्वतंत्रता दिवस के उत्सव को एक नया आयाम देगा, बल्कि देश के हर नागरिक को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और महत्व के प्रति जागरूक करने का भी एक सशक्त माध्यम बनेगा।






