
Breaking Today, Digital Desk : राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपने उम्मीदवार का चयन करने की पूरी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को सौंप दी है. यह महत्वपूर्ण निर्णय बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एनडीए के घटक दलों की एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और नड्डा द्वारा चुने गए उम्मीदवार को एनडीए के सभी सहयोगी दल स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया निर्णय सभी एनडीए दलों को स्वीकार्य होगा।” यह प्रस्ताव जनता दल (यूनाइटेड) के नेता राजीव रंजन सिंह और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के राम मोहन नायडू द्वारा पेश किया गया था, जिसका सभी एनडीए के फ्लोर नेताओं ने समर्थन किया.
यह फैसला उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद आया है, जिसके कारण इस पद के लिए चुनाव आवश्यक हो गया है. धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 9 सितंबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी होगी. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त है.
संसद के दोनों सदनों के सदस्यों वाले निर्वाचक मंडल में एनडीए के पास बहुमत होने के कारण, गठबंधन के उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही है. मौजूदा स्थिति में, एनडीए के पास 781 सदस्यीय निर्वाचक मंडल में लगभग 422 सदस्य हैं, जो बहुमत के लिए जरूरी 391 के आंकड़े से काफी अधिक है.
बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, और किरेन रिजिजू के अलावा जेडीयू के दिलेश्वर कामत और ललन सिंह, शिवसेना के श्रीकांत शिंदे, टीडीपी के लावु श्री कृष्ण देवरायलु, और लोजपा (रामविलास) के चिराग पासवान सहित कई प्रमुख नेता मौजूद थे.
विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने भी इस चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार उतारने के संकेत दिए हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या एनडीए उम्मीदवार पर आम सहमति बनाने के लिए विपक्ष से संपर्क करेगा, रिजिजू ने कहा कि फिलहाल मोदी और नड्डा को उम्मीदवार की पहचान करने के लिए अधिकृत किया गया है.






