
Breaking Today, Digital Desk : क्रिकेट की दुनिया में जब भी कोई नया खिलाड़ी अपने आदर्श की तरह खेलने लगता है, तो उसकी तुलना होना स्वाभाविक है। दक्षिण अफ्रीका के युवा बल्लेबाज़ डेवाल्ड ब्रेविस के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जब उन्होंने अंडर-19 विश्व कप में अपने बल्ले से तहलका मचाया, तो उनके खेलने का अंदाज़, बेखौफ शॉट और 360 डिग्री स्टाइल देखकर हर किसी को एबी डिविलियर्स की याद आ गई। देखते ही देखते उन्हें “बेबी एबी” का निकनेम मिल गया।
यह टैग सम्मान का भी था और उम्मीदों के भारी बोझ का भी। शुरू में ब्रेविस ने इस तुलना को एक सम्मान के रूप में लिया, क्योंकि डिविलियर्स उनके आदर्श जो थे। दोनों एक ही स्कूल (Affies) से पढ़े थे और उनके शुरुआती कोच भी एक ही थे। लेकिन समय के साथ, यह “बेबी एबी” की पहचान उनकी अपनी “ओरिजिनल डेवाल्ड” की पहचान पर हावी होने लगी।
एक दौर ऐसा भी आया जब ब्रेविस का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा और वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे। शायद यह उस दबाव का ही नतीजा था जो हर पल दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में से एक से तुलना किए जाने पर होता है।
लेकिन असली खिलाड़ी वही है जो चुनौतियों से लड़कर अपनी राह खुद बनाता है। ब्रेविस ने भी यही किया। उन्होंने पिछले साल दिसंबर में खुद से एक वादा किया – अब “बेबी एबी” नहीं, बल्कि “ओरिजिनल डेवाल्ड” बनना है। उन्होंने माना कि कई लोगों की सलाह सुनने के बजाय उन्हें अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान केंद्रित करना होगा।
इस नई सोच का नतीजा अब मैदान पर दिख रहा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल ही में खेली गई टी20 सीरीज में ब्रेविस ने एक ऐसी पारी खेली जिसने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी। उन्होंने सिर्फ 56 गेंदों पर नाबाद 125 रन बनाकर दक्षिण अफ्रीका के लिए पुरुष T20I में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यह पारी इस बात का सबूत थी कि डेवाल्ड ब्रेविस अब किसी की परछाई नहीं हैं, बल्कि खुद एक चमकता हुआ सितारा हैं।
यह वही खिलाड़ी है जिसने अंडर-19 विश्व कप में रनों का अंबार लगाकर “प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट” का खिताब जीता था और टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने का रिकॉर्ड भी कायम किया।
एबी डिविलियर्स का प्रभाव उनकी प्रेरणा रहा है, लेकिन अब डेवाल्ड ब्रेविस अपनी काबिलियत, अपनी मेहनत और अपनी एक अलग पहचान के साथ क्रिकेट की दुनिया में अपना नाम खुद लिख रहे हैं। “बेबी एबी” का अध्याय अब पुराना हो चुका है, और अब क्रिकेट जगत “ओरिजिनल डेवाल्ड” के युग का स्वागत कर रहा है।






